मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी धड़ाधड़ एक पर एक छक्के मारे जा रहे हैं। इसी क्रम में महामहिम राष्ट्रपति के उत्तराखंड दौरे पर लीक से हटकर उन्होंने पहली बार लगभग गायब हो चुकी उत्तराखंड की लोक कला शैली थापे से बनी शुद्ध कंडाली की शॉल और थापे और ऐपण के संयोजन से निर्मित स्मृति चिन्ह भेंट के रूप में महामहिम राष्ट्रपति को दी ।
राज्य की कला संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन और उससे नई पीढ़ी को जोड़ते हुए इस कला को पहचान और बाजार दिलाने की दिशा में यह मुख्यमंत्री की सराहनीय पहल है। राष्ट्रपति के उत्तराखंड दौरे को देखते हुए उनको भेंट के रूप में देने के लिए उत्तराखंडी कला संस्कृति और शैली का कुछ अलग उपहार निर्मित कराने के लिए मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी देहरादून को निर्देश दिए थे जो उनके द्वारा तैयार कराकर प्रस्तुत किया गया था।
जिलाधिकारी देहरादून द्वारा इस कला शैली को लोकप्रिय बनाने और नई पीढ़ी में इसके कलाकार तैयार करने के लिए अगले सप्ताह से 40 बालिकाओं के लिए इस कला शेली के प्रशिक्षण की कार्यशाला आयोजित की जा रही है।
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