देहरादून:- जननी सुरक्षा योजना की 3000 लाभार्थी प्रसुताओं को योजना का लाभ अभी तक भी नहीं मिल पाया है। ग्रामीण इलाके की प्रसूता को 1400 रुपये और शहरी इलाके की प्रसूता को 1000 रुपये दिए जाते हैं। नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत हो चुकी है लेकिन स्वास्थ्य विभाग में जननी सुरक्षा योजना के लिए बजट तक नहीं आया है।
दरअसल, जननी सुरक्षा योजना के तहत सरकारी अस्पताल में होने वाले प्रसव के बाद प्रसूताओं को स्वास्थ्य सुरक्षा और पोषाहार के लिए सरकार द्वारा कुछ रकम दी जाती है। इसके लिए प्रसव के दौरान अस्पतालों में फॉर्म भरवाए जाते हैं और यह रकम सीधे प्रसूता के बैंक खाते में भेजी जाती हैं। ग्रामीण इलाके की प्रसूता को 1400 रुपये और शहरी इलाके की प्रसूता को 1000 रुपये दिए जाते हैं। इस योजना का बजट राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) से आता है।
सचिव स्वास्थ्य आर राजेश कुमार ने बताया कि जननी सुरक्षा योजना की तर्ज पर राज्य में इजा बोई योजना तहत महिलाओं के बैंक खातों में पैसा जमा करने का वित्तीय प्रबंधन पहले ही कर दिया गया था लेकिन अब किस स्तर पर महिलाओं को धनराशि नहीं मिली है इसका परीक्षण किया जाएगा जिससे जल्द से जल्द महिलाओं को योजनाओं का लाभ दिया जा सके।
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