अग्निपथ योजना को लेकर हो रहे विरोध के बीच बाबा रामदेव ने अपना बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जिन्हें विरोध करना है वह करें, लेकिन अहिंसक तरीके से करें। बाबा रामदेव ने कहा कि सेवा चाहे एक दिन के लिए मिले या चार साल मिले या पांच साल की मिले, देश के बुद्धिजीवी लोगों की राय उस पर आ चुकी है। विरोध के सुर सत्ता के कानों तक पहुंच चुके हैं।
बाबा रामदेव ने कहा कि मुझे लगता है धीरज रखने की आवश्यकता है। बाबा रामदेव ने कहा कि इसका कुछ न कुछ तो समाधान अवश्य निकलेगा। सभी को थोड़ा शांति रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी योग पथ पर चलें। योग पथ पर चलकर जो विरोध भी करता है वह अहिंसक होता है। अहिंसक धर्म, अहिंसक राजनीति, अहिंसक आंदोलन, अहिंसक व्यापार होना चाहिए। अग्निपथ योजना पर जो भी बदलाव होगा, सरकार कर रही है और करेगी। आग लगाने से ट्रेन फूंकने से देश का नुकसान होता है। यह राष्ट्रीय संपत्ति का नुकसान आत्मघात है। बाबा रामदेव ने कहा कि यह किसी भी युवा को नहीं करना चाहिए। मिलिट्री में रहकर आप देश की सेवा करना चाहते हैं, लेकिन देश फूंककर देश की सेवा कैसे करेंगे।
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