देहरादून: जोशीमठ भू-धंसाव की वजह से विस्थापित होने वाले परिवारों के बच्चों को 10वीं, 12वीं की बोर्ड परीक्षा देने में कोई परेशानी नहीं होगी। सीबीएसई देहरादून ने ऐसे छात्रों के लिए विस्थापित स्थान के केंद्र पर परीक्षा की विशेष व्यवस्था की है।
बोर्ड के संयुक्त सचिव एवं क्षेत्रीय अधिकारी रणबीर सिंह ने चमोली के डीएम व सभी स्कूलों को पत्र भेजकर बताया कि चमोली जिले में सीबीएसई 10वीं के 1142 छात्र और 12वीं के 743 छात्र 15 फरवरी से शुरू होने जा रही बोर्ड परीक्षा में बैठेंगे।
इसके लिए जिले में 19 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 13 अटल उत्कृष्ट विद्यालय, चार केंद्रीय विद्यालय, एक राजीव गांधी नवोदय विद्यालय और एक जवाहर नवोदय विद्यालय शामिल है। बताया, चूंकि जोशीमठ में भू-धंसाव से प्रशासन कई परिवारों को विस्थापित कर रहा है। ऐसे में इन छात्रों के लिए अपने पहले से तय परीक्षा केंद्र पर परीक्षा देना मुश्किल हो गया है।
ऐसे छात्रों के लिए सीबीएसई के क्षेत्रीय अधिकारी रणबीर सिंह ने विस्थापित स्थान के सबसे नजदीकी परीक्षा केंद्र पर परीक्षा की विशेष छूट दी है। उन्होंने इस बाबत दो दिन पहले सभी स्कूलों को पत्र भेजा है, जिसमें ऐसे छात्रों की लिस्ट मांगी गई है।
सोमवार को उन्होंने चमोली के जिलाधिकारी को भी एक पत्र भेजा। इसमें कहा कि अगर प्रशासन को इस तरह की सूचना मिलती है तो वह सीबीएसई को अवगत कराए, ताकि किसी भी छात्र की बोर्ड परीक्षा न छूट पाए।
जोशीमठ के दो छात्रों ने सीबीएसई से नए केंद्र पर परीक्षा देने की अनुमति मांगी है। बोर्ड के मुताबिक, एक छात्र ने जोशीमठ से काशीपुर और दूसरी छात्रा ने जोशीमठ से रुड़की में परीक्षा केंद्र पर परीक्षा की मांग की है। बोर्ड इन पर कार्रवाई कर रहा है।
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