देश-विदेश

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने राष्ट्रपति चुनाव की तारीख का किया ऐलान, 18 जुलाई को होगा मतदान

18 जुलाई को राष्ट्रपति चुनाव की तारीख का ऐलान हो गया हैं वहीं, लोगों के मन में जिज्ञासा है कि महामहिम रामनाथ कोविंद के बाद अब भारत के 15वें राष्ट्रपति आखिर कौन होगें। आज दोपहर तीन बजे चुनाव आयोग द्वारा सीईसी राजीव कुमार चुनाव आयोग अनूप चंद्र पांडे के साथ भारत के राष्ट्रपति के कार्यालय, 2022 ने चुनाव की तारीखों की घोषणा की। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि राष्ट्रपति चुनाव के लिए 18 जुलाई को मतदान होगी और मतगणना 21 जुलाई को होगी।

चुनाव आयुक्त ने बताया कैसे होगा चुनाव

निर्वाचक को केवल नामित अधिकारी द्वारा उपलब्ध कराए गए एक विशेष पेन से उम्मीदवारों के नामों के सामने वरीयताएँ अंकित करनी होती हैं।

निर्दिष्ट दिनों में प्रातः 11 बजे से अपराह्न 3 बजे के बीच अभ्यर्थी द्वारा स्वयं या उसके किसी प्रस्तावक या समर्थक द्वारा नामांकन दाखिल किया जा सकता है। चुनावी प्रक्रिया के सभी चरणों में सभी संबंधित कोविड -19 सुरक्षा उपायों और प्रोटोकॉल को लागू किया जाएगा।

24 जुलाई को समाप्त हो राष्ट्रपति कोविंद का कार्यकाल

बता दें कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो रहा है और नए राष्ट्रपति को 25 जुलाई तक शपथ ले लेना है। इससे पहले साल 2017 में 17 जुलाई को राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव हुआ था। लोक सभा, राज्य सभा और विधान सभा के सदस्य मिल कर राष्ट्रपति के चुनाव के लिए निर्वाचन मंडल बनाते हैं और फिर चुनाव संपन्न होता है।

कैसे होती है राष्ट्रपति पद के लिए वोटिंग

संविधान के अनुच्छेद 62 का संदर्भ देते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो रहा है और अगले राष्ट्रपति के निर्वाचन के लिए चुनाव उससे पहले संपन्न होना चाहिए।राष्ट्रपति चुनाव में संसद के दोनों सदनों के सदस्यों के अलावा सभी राज्य के विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और संघ शासित प्रदेश पुडुचेरी के विधानसभा के सदस्य वोट डाल सकते हैं।

776 सांसद और विधान सभा के 4120 विधायकों से निर्वाचन मंडल बनता है। कुल मूल्य 10,98,803 है. अपने उम्मीदवार को राष्ट्रपति बनवाने के लिए एनडीए को बीजेडी और वायएसरआरसी के समर्थन की आवश्यकता होगी।

कैसे चुनते हैं राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार

इस चुनाव में देश की जनता प्रत्यक्ष रूप से मतदान नहीं करती। जनता के द्वारा चुने गए सांसद और विधायक भी इस चुनाव में भाग लेते हैं। इन चुनावों में राज्यसभा सांसद, लोकसभा सांसद और विधायकों को वोट देने का अधिकार होता है। हालांकि, विधान पार्षदों और नामित व्यक्तियों को वोट करने का अधिकार नहीं होता। राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान करते वक्त विधायक और सांसद अपने बैलेट पेपर पर अपना चुनाव करते हैं और  इसमें वो अपनी पहली पसंद, दूसरी पसंद और तीसरी पसंद बता देते हैं।

सबसे पहले पहली पसंद के वोट गिने जाते हैं। अगर पहली पसंद का उम्मीदवार जीत के लिए जरूरी वेटेज हासिल कर लेता है तो उसकी जीत हो जाती है वहीं अगर ऐसा नहीं होता तो दूसरी और फिर तीसरी पसंद के वोटों को  गिना जाता है।

Uttarakhand Jagran

हम आपके आस-पास की खबरों और विचारों के लिए एक विश्वसनीय मार्गदर्शक के रूप में काम करेंगे। हम सकारात्मक प्रभाव पैदा करने के लिए देश और समाज से जुड़ी खबरें और सूचनाएं परोसेंगे। हमारी टीम डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से ऑनलाइन प्रकाशन का काम करती है। संपर्क - गोवर्धन प्रसाद मनोरी मोबाइल नंबर - +91-9548276184

Recent Posts

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ का बड़ा आदेश — 48 घंटे में हटें स्वामी राम भद्राचार्य के खिलाफ आपत्तिजनक वीडियो

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने जगतगुरु स्वामी राम भद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय चित्रकूट के कुलपति…

4 months ago

नगर विकास मंत्री एके शर्मा का सख्त रुख — “सरकारी जमीन का एक इंच भी नहीं रहेगा कब्जे में”

बरेली में मजार की आड़ में अवैध तरीके मार्केट बनाने के सवाल पर नगर विकास…

4 months ago

दीपावली से पहले दून में सख्त सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस ने नया ट्रैफिक प्लान जारी किया

आगामी धनतेरस, दीपावली, भैया दूज और गोवर्धन पूजा जैसे प्रमुख त्योहारों के मद्देनजर पुलिस और…

4 months ago

यूकेएसएसएससी परीक्षा रद्द करने का बड़ा फैसला, जांच रिपोर्ट सौंपी गई मुख्यमंत्री धामी को

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की स्नातक स्तरीय परीक्षा को रद्द करने का बड़ा फैसला…

4 months ago

‘कांतारा चैप्टर 1’ के फैंस का थिएटर में दैव रूप में प्रवेश, सोशल मीडिया पर बंटा रिएक्शन

'कांतारा चैप्टरा 1' फिल्म दर्शकों को काफी प्रभावित कर रही है। रिलीज के पहले दिन…

4 months ago

सोनिया गांधी का बयान: मुख्य न्यायाधीश पर हमला लोकतंत्र की आत्मा पर प्रहार

भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई पर सुप्रीम कोर्ट के अंदर हुए हमले की विपक्षी…

4 months ago