हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार में बीते कुछ समय में हुए हादसों के बाद अब ई-रिक्शा चालको को लेकर सनसनीखेज खबर सामने आई है। ई-रिक्शा चालक बैटरी बचाने के लिए लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। वह बैटरी बचाने के चक्कर में शहर में रात को ई-रिक्शा को बिना लाइट ही सड़कों पर दौड़ा रहे हैं। इसके चलते हादसों की आशंका बन रही है। पुलिस व परिवहन विभाग के अधिकारी भी इन पर कार्रवाई करने से बच रहे हैं।
शहर में करीब साढ़े चार हजार से अधिक ई-रिक्शा परिवहन विभाग में पंजीकृत हैं। वहीं, करीब चार हजार से अधिक ई-रिक्शा ऐसे हैं जो बिना पंजीकरण के सड़कों पर दौड़ रहे हैं। ई-रिक्शा चालक सुबह से लेकर देर रात तक शहर व आसपास के इलाके में सड़कों पर सवारियां ढो रहे हैं।
अधिकांश लोग भी अब शहर के अंदर यातायात के लिए ई-रिक्शा का ही इस्तेमाल करते हैं। वहीं, ई-रिक्शा चालक अधिक कमाई के चक्कर में यातायात नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। चालक अधिक दूरी तय करने के चक्कर में रात के समय ई-रिक्शा की बैटरी बचाने को लाइट बंद कर सड़कों पर चलते हैं। इसके चलते दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। पहले भी ई-रिक्शा की वजह से रात को कई हादसे हो चुके हैं।
एसएसपी, हरिद्वार प्रमेंद्र डोबाल रात के समय बिना लाइट जलाए ई-रिक्शा दौड़ाने वाले चालकों के खिलाफ अभियान चलाए जाने के निर्देश सभी पुलिस अधिकारियों को दिए गए हैं। नियमों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
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