नेपाल के साथ भारत में धरती हिलने का सिलसिला दूसरे दिन भी जारी है। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में बुधवार सुबह एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। नेपाल सीमा से सटे इलाके में सुबह 6.27 मिनट पर धरती हिलने से पहले से ही घबराए लोग और डर गए। इस बार भूंकप की तीव्रता 4.3 मापी गई है। भूकंप का केंद्र धरती से 5 किलोमीटर अंदर बताया गया है।
भूकंप के झटके ठीक 1.57 मिनट पर महसूस किये गये। लोग उस समय गहरी नींद में थे। यकायक धरती में तेज कंपन हुआ। कुछ सेकंड के लिए भूमि हिली। लोग अपनी जान बचाने के लिए खुले स्थानों के लिए भागे। भूंकप का केन्द्र भारत-नेपाल सीमा बताया जा रहा है। साथ ही इसकी गहराई सतह से दस किमी नीचे रही।
भूकंप का केंद्र नेपाल सीमा पर होने के चलते चीन, नेपाल व भारत में इसका असर देखने को मिला। उत्तराखंड के नेपाल सीमा से सटे पिथौरागढ़, चंपावत, बागेश्वर जनपदों में फिलहाल कोई नुकसान की सूचना नहीं है। इन जनपदों में आपदा प्रबंधन केन्द्र सक्रिय हो गए हैं। फिलहाल किसी तरह के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है।
राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के इलाकों में बुधवार तड़के भूकंप के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक 6.3 की तीव्रता वाले इस भूकंप का केंद्र नेपाल में था। राजधानी के कई इलाकों में रात लगभग 1.57 बजे लोग इन भूकंप के झटकों से अचानक जगे।
भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार इसका केंद्र उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले से 90 किमी दक्षिण पूर्व नेपाल की सीमा के पास था। दिल्ली के अलावा उत्तराखंड, हिमाचल और उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर इस भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं।
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