उत्तराखंड:- केदारनाथ यात्रा मार्ग पर गौरीकुंड से केदारनाथ तक 19 किमी तक पांच हजार घोड़े-खच्चरों का संचालन होगा। जबकि हेमकुंड साहिब के लिए 15 किमी की दूरी के लिए अधिकतम 1050 घोड़े-खच्चरों की संख्या तय की गई है। यात्रा मार्ग पर एक पशु मालिक को अधिकतम दो घोड़े खच्चर संचालन की अनुमति होगी।
चारधाम यात्रा मार्गों पर पशु क्रूरता रोकने के लिए सरकार ने घोड़े-खच्चरों के संचालन की मानक प्रचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी कर दी है। यात्रा मार्गों पर प्रति किलोमीटर के आधार पर घोड़े-खच्चरों की अधिकतम संख्या तय कर दी गई है। इसके अलावा एक पशु मालिक को अधिकतम दो घोड़े-खच्चर के संचालन की अनुमति होगी।सोमवार को शासन की ओर से जारी एसओपी के अनुसार केदारनाथ यात्रा मार्ग पर गौरीकुंड से केदारनाथ तक 19 किमी तक पांच हजार घोड़े-खच्चरों का संचालन होगा।
जबकि हेमकुंड साहिब के लिए 15 किमी की दूरी के लिए अधिकतम 1050 घोड़े-खच्चरों की संख्या तय की गई है।यात्रा मार्ग पर एक पशु मालिक को अधिकतम दो घोड़े खच्चर संचालन की अनुमति होगी। रास्ते में गर्म पानी और अस्थायी शेड की व्यवस्था की जाएगी। घोड़े-खच्चरों की ग्लैंडर परीक्षण रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही यात्रा मार्ग पर संचालन की अनुमति होगी।
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