उत्तराखंड:- श्यामपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में रविवार को ग्राम चौकीदार की झोपड़ी में आग लग गई। आग की चपेट में आने से चौकीदार की मूकबधिर पत्नी बुरी तरह झुलस गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। झोपड़ी में बंधी गाय की बछिया भी झुलस गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मोर्चरी में भिजवा दिया है। प्रारंभिक जांच में चूल्हे पर खाना बनाने के दौरान तेज हवा चलने से आग लगने की बात निकलकर सामने आई है। घटना रविवार की दोपहर मंगोलपुरा गांव में हुई। यहां गांव के बाहर कुछ दूरी पर रामकिशन अपनी पत्नी कृष्णा देवी के साथ झोपड़ी डालकर रहते हैं। वह ग्राम चौकीदार हैं। रविवार को रामकिशन दवाई लेने के लिए हरिद्वार गए हुए थे। घर के अन्य लोग पास ही आयोजित एक भंडारे में गए थे। झोपड़ी में कृष्णा देवी (54) अकेली थी। दोपहर में अचानक झोपड़ी में आग लग गई। कृष्णा देवी आग को देखकर झोपड़ी में बंधी बछिया को खोलने लगी। तभी वह आग की चपेट में आ गई और बुरी तरह झुलस गई।
उन्होंने बाहर निकलने की कोशिश की, मगर तब तक वह पूरी तरह जल चुकी थी। सूचना मिलने पर पुलिस और आसपास के लोगों ने मौके पर पहुंचकर आग को बुझाया और उन्हें बाहर निकाला। तब तक महिला की मौत हो चुकी थी। लालढांग चौकी प्रभारी रुकम सिंह नेगी ने बताया कि रसूलपुर मीठीबेरी के ग्राम प्रधान कमलेश द्विवेदी की ओर से मंगोलपुरा गांव में आग लगने की सूचना दी गई। आग से झुलसने के कारण महिला की मौत हुई। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। जांच में पता चला कि परिवार के लोग चूल्हे पर खाना बनाते हैं। तेज हवा चलने के करण चिंगारी लगने से संभवत: आग लगी है। साथ ही कोई पारिवारिक झगड़ा या आपसी रंजिश परिवार की किसी से नहीं है, लेकिन फिर भी हर पहलू पर जांच की जा रही है।
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