भारतीय पुलिस सेवा की अधिकारी रचिता जुयाल नौकरी का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) की अर्जी लगाई थी। उत्तराखंड कैडर की आईपीएस रचिता 2015 बैच की अधिकारी हैं। उन्होंने मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन को वीआरएस के लिए आवेदन भेजा था।
रचिता वर्तमान में सतर्कता विभाग में पुलिस अधीक्षक पद की जिम्मेदारी संभाल रही थी। वह अपनी सेवा के दौरान कई महत्वपूर्ण पदों पर रही हैं। उन्होंने राजभवन में राज्यपाल के एडीसी का भी दायित्व निभाया। यहां से वह इंटेलीजेंस ब्यूरो में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रहीं। अचानक सोशल मीडिया पर उनके इस्तीफे की खबरें वायरल होने लगी थी।
वीआरएस के पीछे उन्होंने निजी और पारिवारिक कारण बताए हैं। हालांकि सूत्रों का कहना है कि निजी क्षेत्र में बेहतर संभावनाओं को देखते हुए रचिता ने सरकारी सेवा छोड़ने का निर्णय लिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने जगतगुरु स्वामी राम भद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय चित्रकूट के कुलपति…
बरेली में मजार की आड़ में अवैध तरीके मार्केट बनाने के सवाल पर नगर विकास…
आगामी धनतेरस, दीपावली, भैया दूज और गोवर्धन पूजा जैसे प्रमुख त्योहारों के मद्देनजर पुलिस और…
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की स्नातक स्तरीय परीक्षा को रद्द करने का बड़ा फैसला…
'कांतारा चैप्टरा 1' फिल्म दर्शकों को काफी प्रभावित कर रही है। रिलीज के पहले दिन…
भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई पर सुप्रीम कोर्ट के अंदर हुए हमले की विपक्षी…