देश-विदेश

मणिपुर में उग्रवादियों का काफिले पर हमला, दो असम राइफल्स जवान शहीद, तीन घायल

मणिपुर में शुक्रवार शाम उग्रवादियों ने असम राइफल्स के काफिले पर घात लगाकर हमला कर दिया। इस हमले में दो जवानों बलिदान हो गए, जबकि कम से कम तीन अन्य जवान घायल हुए हैं। इस हमले ने एक बार फिर राज्य में सुरक्षा स्थिति को लेकर गंभीर चिंता बढ़ा दी है। अधिकारियों के मुताबिक, यह हमला शाम करीब 6 बजे बिष्णुपुर जिले के नांबोल सबल लीकाई इलाके में हुआ। असम राइफल्स के जवानों का वाहन इंफाल से बिष्णुपुर की ओर जा रहा था। तभी घात लगाकर बैठे हमलावरों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी।

मामले में एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘हमलावरों ने अचानक गोलीबारी की, जिसमें एक वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। दो जवान, जिनमें एक जूनियर कमीशंड ऑफिसर (जेसीओ) और एक जवान शामिल हैं, मौके पर ही बलिदान हो गए। जबकि तीन जवान गंभीर रूप से घायल हैं।’ घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से उन्हें तुरंत इलाज के लिए भेजा गया। उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, लेकिन उनमें से एक की स्थिति नाजुक है।

मामले में वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि व्यस्त सड़क पर जवानों के वाहन पर हमला करने के बाद हमलावर एक सफेद वैन में सवार होकर भाग निकले। जवानों ने संयम बरतते हुए जवाबी कार्रवाई की ताकि कोई नागरिक हताहत न हो। सुरक्षा बल ने हमले के पीछे छिपे आतंकवादियों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। इस घटना को लेकर गुवाहाटी के रक्षा जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि शाम लगभग 5:50 बजे, 33 असम राइफल्स के जवानों की एक वाहन-आधारित टुकड़ी अपने पटसोई कंपनी ऑपरेटिंग बेस से नाम्बोल कंपनी ऑपरेटिंग बेस की ओर बढ़ रही थी। मणिपुर के विमुक्त क्षेत्र, नाम्बोल सबल लेईकाई में, हाईवे पर अज्ञात आतंकवादियों ने इस टुकड़ी पर घात लगाकर हमला किया। इस कार्रवाई में, असम राइफल्स के दो जवान शहीद हो गए और पांच घायल हो गए, जिन्हें रिम्स में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर है। अभी तक, किसी भी समूह ने इस घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है। घटना में शामिल आतंकवादियों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान जारी है।

मणिपुर पिछले कुछ समय से हिंसा और तनाव की चपेट में है। ऐसे में इस ताजा हमले ने राज्य में शांति बहाली के प्रयासों को चुनौती दी है। अधिकारियों का कहना है कि हमले के पीछे किन संगठनों का हाथ है, इसकी जांच की जा रही है। असम राइफल्स पूर्वोत्तर क्षेत्र में सीमा सुरक्षा और आतंकी गतिविधियों को रोकने के लिए तैनात सबसे अहम अर्धसैनिक बल है। जवानों पर इस तरह का हमला सुरक्षा के लिहाज से गंभीर माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, इस घटना पर केंद्र और राज्य सरकार के बीच लगातार बातचीत की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और हमलावरों को पकड़ने के लिए संयुक्त अभियान की योजना बनाई जा रही है।

Uttarakhand Jagran

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