राज्य सरकार प्रदेश के स्कूल एजुकेशन सिलेबस में बदलाव की तैयारी कर रही है। नए सिलेबस को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के दिशा-निर्देश के आधार पर ही तैयार किया जा रहा है। इसमें कक्षा एक से पांच तक के छात्रों के लिए प्रारंभिक शिक्षा मातृभाषा या स्थानीय भाषा में भी पढ़ाया जाएगा। इसके लिए जिलेवार स्थानीय स्थानीय बोलियों का शब्दकोष तैयार किया जा रहा है।
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के अनुसार नई शिक्षा नीति में भारतीय संस्कृति, इतिहास और भूगोल को व्यावहारिक व रोचक तरीके से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति का मुख्य उद्देश्य छात्रों को जड़ से जोड़ते हुए भविष्य को मजबूत बनाना है।
छात्रों को महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी, वीर दुर्गादास, सुभाषचंद्र बोस, स्वामी दयानंद सरस्वती और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे राष्ट्र नायकों का जीवन परिचय भी बताया जाएगा। इसमें कक्षा तीन से हिंदी, इंग्लिश और ईवीएस की नई किताबों में भारत और राजस्थान के महापुरुषों के बारे में रोचक और मूल्य आधारित जानकारी दी जाएगी। वहीं लोकतंत्र की मूल अवधारणा भी प्रारंभिक शिक्षा में सिखाई जाएगी। इसे बाद कक्षा पांच तक आते-आते छात्रों को स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और सामाजिक सुधारकों के बारे में विस्तार से पढ़ाया जाएगा।
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