उत्तराखंड में मसाज पार्लर की आड़ में देह व्यापार का धंधा रोकने के लिए राज्य महिला आयोग ने नए दिशा-निर्देश बनाए हैं। मसलन, पार्लर में मसाज के समय दरवाजा लॉक नहीं होगा। पुरुष की पुरुष और महिला की मसाज महिला ही करेंगी। इसके लिए संबंधित थेरेपी में डिग्री या डिप्लोमा लेने वालों को ही मसाज करने के लिए नियुक्त किया जाएगा। दिशा-निर्देशों को मंजूरी के लिए सरकार के पास भेजा गया है। यह जानकारी राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने आयोग के 19वें स्थापना दिवस पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में दी। मसाज सेंटर की आड़ में देह व्यापार का धंधा बड़ी समस्या बन चुका है।
राज्य में भी अलग-अलग जगहों पर पुलिस, महिला आयोग, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग की टीम के छापे से मसाज सेंटर की आड़ में देह व्यापार के धंधे का खुलासा हुआ है। इसके मद्देनजर आयोग ने मसाज सेंटर्स के संचालन के लिए नई गाइड-लाइंस तैयार की है। आयोग अध्यक्ष कंडवाल ने बताया कि मसाज सेंटर में 18 साल से कम उम्र के बालक या बालिका के नियुक्त करने पर रोक रहेगी। साथ ही वहां काम करने वालों का सत्यापन अवश्य होगा। महिला और पुरुष के एंट्री गेट अलग होंगे।
आयोग के स्थापना दिवस पर वार्षिक आख्या रिपोर्ट जारी की गई। इस मौके पर अध्यक्ष कंडवाल ने बताया कि आयोग लगातार वन स्टॉप सेंटर, जेल, महिला चिकित्सालय समेत सभी उन जगहों पर लगातार निरीक्षण करता है, जहां महिलाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाना है। राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों की महिलाओं की शिकायतों का निपटारा फोन के जरिए भी किया जा रहा है। जल्द ही राज्य में महिला नीति लागू होने वाली है, जिसके ड्राफ्ट में महिला आयोग की टीम का प्रमुख योगदान रहा। इस मौके पर आयोग की सदस्य सचिव उर्वशी चौहान, विधि अधिकारी दयाराम सिंह और आधार वर्मा उपस्थित रहे।
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