मसूरी में चले तीन दिन के चिंतन शिविर में मिले 500 से अधिक सुझावों में प्रमुख 16 की सूची तैयार की गई है, जिन्हें जमीन पर उतारा जा सकता है। अगले पांच सालों में सरकार तरक्की की नई इबारत लिखने के लिए नया मॉडल तैयार करना चाहती है। इसमें रोजगार और आजीविका के नए अवसर होंगे।
जनसुविधाओं के साथ सरकार पर खर्च का दबाव कम होगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मुताबिक, चिंतन शिविर में आए सभी प्रमुख सुझावों को कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा और सरकार इन पर कार्यवाही के लिए तेजी से आगे बढ़ेगी।
शहरीकरण के लिए
अवस्थापना व संचार कार्य
दक्ष मानव संसाधन तैयार करेंगे
पैदावर दोगुना करने का लक्ष्य
सरकार की कमाई बढ़ानी होगी
13. राज्य में निर्माण कार्यों (पूंजीगत अवसंरचना) पर बजट का 16 फीसदी खर्च होता है। इसे बढ़ाया जाएगा। राजस्व के लिए संपत्तियों को मुद्रीकरण होगा। खनन, स्टाम्प एवं पंजीकरण शुल्क को युक्तिसंगत बनाया जाएगा। इको सिस्टम सेवाओं का कार्बन क्रेडिट के माध्यम से मुद्रीकरण होगा।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार
प्रभावी नियोजन से होगा जल प्रबंधन
सुझावों पर अमल के लिए उठेगा अगला कदम
सरकार का अगला कदम चिंतन शिविर में आए सुझावों को जमीन पर उतारने के लिए उठाया जाएगा। अमेरिकी फर्म मैकेन्जी ग्लोबल की मदद से सरकार जिन क्षेत्रों को चुनेगी, उनके लिए निवेश और वित्तीय संसाधन जुटाने के उपाय तलाशे जाएंगे। कनेक्टिविटी और संचार नेटवर्क के लिए पीपीपी मोड का सहारा लेगी, जो कार्य केंद्र पोषित, वाह्य सहायतित व अन्य फंडिंग एजेंसी से कराना संभव होगा, उनके लिए अलग से रणनीति बनेगी।
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