रेवाड़ी:- पुलिस लाइन में शनिवार को आयोजित प्रशिक्षण सत्र में सभी पर्यवेक्षण अधिकारियों, थाना प्रबंधक व चौकी इंचार्ज को ई-साक्ष्य एप, डिजिटल उपकरणों के बारे में जानकारी दी गई। पुलिस अधीक्षक रेवाड़ी डॉ. मयंक गुप्ता ने बताया कि अनुसंधानकर्ता घटनास्थल का निरीक्षण, गवाहों के बयान और सामान जब्त करने की प्रक्रिया की वीडियोग्राफी ई-साक्ष्य एप के माध्यम से करें। यह प्रक्रिया न्यायालय में केस सुनवाई के दौरान सही और सटीक साक्ष्य उपलब्ध कराने में मदद करेगी। जैसे ही कोई अपराधी पकड़ा जाता है, उसके पास से बरामद सामग्री जैसे मादक पदार्थ, वाहन, असलहा आदि का फोटो और वीडियो इस एप पर अपलोड किया जाए। एसपी ने अधिकारियों को आधुनिक तकनीक से अपडेट रहने और इन बदलावों के अनुकूल ढलने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने अधिकारियों को समन और वारंट की समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया, जिससे गवाहों को समय पर अदालत में पेश होने और तेजी से सुनवाई में मदद मिलेगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को साइबर क्राइम संबंधित एनसीईआरटी पोर्टल, समन्वय पोर्टल के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।
कम्युनिकेशन पर ध्यान केंद्रित पर दिया जोर
एसपी ने जिले में कोई भी आपराधिक घटना होने पर प्रभावी संचार व्यवस्था सुनिश्चित करने, स्पष्ट भाषा, उच्चारण और कम्युनिकेशन पर ध्यान केंद्रित करने पर जोर दिया, ताकि कॉल के दौरान कम्युनिकेशन अधिकारी तथा कॉलर के बीच स्पष्ट संदेश से पीड़ित की मदद तुरंत की जा सके। इस अवसर पर डीएसपी हेडक्वार्टर डॉ. रविन्द्र सिंह, डीएसपी सिटी रेवाड़ी पवन कुमार, डीएसपी बावल सुरेंद्र श्योराण, डीएसपी ट्रैफिक विनोद शंकर, डीएसपी कोसली जोगेंद्र शर्मा और जिले के सभी थाना प्रभारी एवं चौकी इंचार्ज उपस्थित रहे।
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