तीन साल से ज्यादा समय से चल रहे रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष आज भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। भारी क्षति के बावजूद रूस यूक्रेन पर हमले तेज कर रहे है। ऐसे में अमेरिका ने एक बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत अमेरिका ने यूक्रेन को 322 मिलियन डॉलर (करीब 2,700 करोड़ रुपये) के हथियार बेचने की मंजूरी दे दी है। इसमें एयर डिफेंस सिस्टम और बख्तरबंद सैन्य गाड़ियां शामिल हैं।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब यूक्रेन पर रूस के हमले तेज हो रहे हैं। उधर, तेज होते हमले के बीच बुधवार को इस्तांबुल में एक बार फिर शांति वार्ता हुई। इस दौरान यूक्रेन ने रूस को एक बड़ा प्रस्ताव दिया। इसके तहत यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच सीधी बातचीत जल्द कराने की पेशकश की गई है।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि इसमें से 150 मिलियन डॉलर बख्तरबंद गाड़ियों की मरम्मत और रखरखाव के लिए हैं, जबकि 172 मिलियन डॉलर एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम के लिए रखे गए हैं। इस प्रस्ताव को कांग्रेस को सूचित कर दिया गया है। बता दें कि कुछ हफ्ते पहले अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेजसेथ ने यूक्रेन को हथियार भेजने पर रोक लगा दी थी ताकि अमेरिका के अपने हथियार भंडार का आकलन किया जा सके। इस फैसले से व्हाइट हाउस भी हैरान रह गया था। इसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रुख बदलते हुए ऐलान किया कि अमेरिका यूक्रेन को और हथियार भेजेगा।
वहीं बात मामले में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की करें तो ट्रंप ने कहा कि हमें ऐसा करना ही होगा। यूक्रेन बहुत बुरी तरह से हमले झेल रहे हैं, उन्हें अपनी रक्षा करनी है। उन्होंने कहा कि हम उन्हें और हथियार देंगे खासकर रक्षात्मक हथियार। ट्रंप ने हाल ही में यूरोपीय देशों को सुझाव दिया कि वे अमेरिका से हथियार खरीदकर यूक्रेन को दें। हालांकि यह साफ नहीं है कि यह नया सौदा उसी योजना का हिस्सा है या नहीं। गौरतलब है कि 2022 में रूस की तरफ से यूक्रेन पर युद्ध शुरू करने के बाद से अमेरिका अब तक 67 अरब डॉलर से ज्यादा की सैन्य मदद दे चुका है। ट्रंप की सत्ता में वापसी के बाद यह मुद्दा बार-बार उलझता रहा है क्योंकि उनकी सरकार के कुछ हिस्से और संसद के कुछ सदस्य विदेशी युद्धों में अमेरिकी मदद का विरोध कर रहे हैं। अमेरिका ने अब तक कई बार अपने सहयोगी देशों से यूक्रेन को एयर डिफेंस सिस्टम देने की अपील की है, लेकिन पूर्वी यूरोपीय देश जो खुद रूसी खतरे में हैं, वे ऐसे हाई-टेक सिस्टम देने में हिचकिचा रहे हैं।
यूक्रेन और रूस के बीच तीन साल से ज्यादा समय से चल रहे युद्ध के बीच बुधवार को इस्तांबुल में एक बार फिर शांति वार्ता हुई। इस दौरान यूक्रेन ने रूस को एक बड़ा प्रस्ताव दिया। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच सीधी बातचीत जल्द कराने की पेशकश की गई है। यूक्रेन के मुख्य वार्ताकार रुस्तेम उमेरोव ने कहा कि दोनों राष्ट्रपतियों की बैठक अगस्त के अंत तक हो सकती है और इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोआन को भी शामिल करने का प्रस्ताव है।
हालांकि रूस की ओर से उम्मीदों को ठंडा करते हुए प्रमुख वार्ताकार व्लादिमीर मेदिंस्की ने कहा कि दोनों पक्षों की बातचीत लंबी चली लेकिन उनके विचार अब भी काफी अलग हैं। उन्होंने कहा कि बातचीत आगे भी जारी रहेगी। रूस और यूक्रेन 1,200-1,200 युद्धबंदियों की अदला-बदली करेंगे। रूस 3,000 यूक्रेनी सैनिकों के शव लौटाने को तैयार है। रूस ने 24 से 48 घंटे की अस्थायी युद्धविराम की पेशकश की ताकि घायलों को निकाला जा सके और मृत सैनिकों के शव उठाए जा सकें। उधर तुर्की ने भी स्थायी युद्धविराम और शांति समझौते की अपील की, लेकिन रूस ने किसी बड़े बदलाव की उम्मीदों को फिलहाल टाल दिया है।
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