बरसात के मौसम में डेंगू के मामलों में संभावित वृद्धि को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। विभाग ने सभी निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम्स को नोटिस जारी कर डेंगू के मरीजों की जानकारी तत्काल स्वास्थ्य विभाग को देने का निर्देश दिया है। ऐसा न करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
सिविल सर्जन डॉ. आलोक विश्वकर्मा ने बताया कि डेंगू को अधिसूचित बीमारी की श्रेणी में रखा गया है। ऐसे में किसी भी निजी अस्पताल या नर्सिंग होम में डेंगू मरीज की पुष्टि होने पर इसकी जानकारी अनिवार्य रूप से विभाग को देनी होगी। जानकारी छुपाने पर संबंधित संस्था के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कुछ निजी अस्पताल और पैथोलॉजी लैब डेंगू की पुष्टि के लिए केवल NS1 जांच कर मरीजों को डेंगू पीड़ित घोषित कर रहे हैं, जो कि गलत और भ्रामक है। डेंगू की अंतिम पुष्टि केवल ELISA टेस्ट के माध्यम से ही की जा सकती है, जिसे स्वास्थ्य विभाग द्वारा मान्यता प्राप्त है।
डेंगू जांच के लिए सरकार ने मेडिकल कॉलेज और सदर अस्पताल में निशुल्क व्यवस्था की है। मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में 16,000 ELISA किट उपलब्ध कराई गई हैं। सदर अस्पताल में भी जांच सुविधा चालू है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू के लार्वा को नष्ट करने के लिए कीटनाशक का छिड़काव लगातार किया जा रहा है। विशेष रूप से झरिया और कतरास जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
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