प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कांगड़ा के गगल हवाई अड्डे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष को साथ बैठाकर आपदा पीड़ितों के आंसू पोंछे। उन्होंने हवाई सर्वेक्षण कर हिमाचल में बरसात से हुए नुकसान को अपनी आंखों से देखा और स्थिति को गंभीर मानते हुए आपदा की इस घड़ी में दोनों को साथ मिलकर काम करने का संदेश दिया। उन्होंने माैके पर ही कई घोषणाएं भी कीं। मोदी ने हिमाचल को 1500 करोड़ रुपये की मदद देने, केंद्रीय टीम की रिपोर्ट के आधार पर आगामी सहायता पर विचार करने, एसडीआरएफ और किसान सम्मान निधि की अग्रिम किस्त देने, आवास योजना का लाभ देने, मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख और घायल को 50 हजार रुपये देने जैसी घोषणाओं से राहत दिलाई।
प्रधानमंत्री के इस दौरे से आपदा प्रभावित राज्य को कुछ राहत मिली है। मोदी आगे भी मदद करने का भरोसा दे गए हैं। करीब 50 स्थानों पर बादल फटने से हिमाचल बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसे पूरी तरह उबरने में कई दशक लग सकते हैं। प्रधानमंत्री के इस दौरे से भाजपा को कांग्रेस के हाथ में आपदा में केंद्र की अनदेखी का मुद्दा दबाने का अवसर भी मिल गया है। मोदी के हिमाचल दौरे से प्रतिपक्ष के नेता अपना पलड़ा भारी मान रहे हैं। सत्तारूढ़ कांग्रेस वर्ष 2023 की आपदा में भी हिमाचल प्रदेश की उपेक्षा का मुद्दा उठाती रही। उनका यह दौरा केंद्र में हक न मिलने की बात बार-बार उठाने वाली सुक्खू सरकार के लिए भी बड़ा सहारा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा से हिमाचल को अपना दूसरा घर कहते रहे हैं। मोदी नब्बे के दशक में हिमाचल प्रदेश भाजपा के प्रभारी रह चुके हैं। वह प्रदेश के कोने-कोने से वाकिफ हैं। इसलिए हिमाचल को उनसे ज्यादा उम्मीदें रहती हैं। हिमाचल से लोकसभा में चार और राज्यसभा में तीन भाजपा सांसद हैं। आपदा राहत के लिए केंद्र से बड़ी मदद न ला पाने के मुद्दे पर भी भाजपा सांसदों को कांग्रेस निशाने पर लेती रही है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा भी बिलासपुर से हैं। कांग्रेस के नेता हर मोर्चे पर आपदा में अनदेखी का मुद्दा उठाते रहे हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी का हिमाचल के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में हवाई सर्वेक्षण और कांगड़ा में सरकार और विपक्ष के साथ उच्चस्तरीय बैठक करना एक संदेश भी है कि वे हिमाचल को दलगत राजनीति से ऊपर देखते हैं।
प्रधानमंत्री का यह दौरा न केवल आपदा पीड़ितों के लिए, बल्कि भाजपा की सियासी स्थिति के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रधानमंत्री के समक्ष मुख्यमंत्री सुक्खू ने हिमाचल की समस्याएं खुलकर रखीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि पीएम मोदी 1500 करोड़ रुपये विशेष आपदा राहत के रूप में देंगे, जो सामान्य आपदा सहायता से अलग होगी। उन्होंने उजड़े हिमाचलियों को बसाने में वन भूमि का आवंटन, दो प्रतिशत अतिरिक्त उधार और अन्य मुद्दों को भी उठाया।
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