देश-विदेश

विदेश सचिव विक्रम मिस्री की अमेरिका में उच्च स्तरीय बैठकें, एफएटीएफ पर चर्चा में पाकिस्तान निशाने पर

भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई उच्च-स्तरीय बैठकें कर आगामी वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) प्रक्रियाओं में समन्वय सहित आर्थिक-वित्तीय संबंधों को गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की। मिस्री ने अमेरिकी वित्त मंत्रालय के उप-मंत्री माइकल फॉल्केंडर के साथ अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों में सहयोग पर जोर दिया। सूत्रों ने कहा, भारत एफएटीएफ कार्यवाही के दौरान पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में लाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगा।

बैठक के दौरान वैश्विक मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी वित्तपोषण निगरानी संस्था को भारत के इरादों के बारे में सूचित कर दिया गया है। सूत्रों का कहना है कि भारत एफएटीएफ को एक विस्तृत डोजियर भेजेगा, जिसमें आतंकी वित्तपोषण व मनी लॉन्ड्रिंग में कुछ संस्थाओं और व्यक्तियों की भागीदारी के बारे में सबूत और चिंताओं को रेखांकित किया जाएगा। डोजियर में भारत के निष्कर्षों को उजागर किया जाएगा और अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के तहत एफएटीएफ द्वारा सख्त जांच और कार्रवाई की मांग की जाएगी।

इससे पहले एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के तौर पर पाकिस्तान को एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में शामिल करने का पुरजोर आह्वान किया था। बकौल ओवैसी  इस्लामाबाद को आतंकवादियों की भर्ती से रोकने के लिए उसे फिर से एफएटीएफ की ग्रे सूची में डालना चाहिए।

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने 21वीं सदी के लिए भारत-अमेरिका समझौते पर अंतर-एजेंसी चर्चा के लिए बातचीत की। उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्रालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद, रक्षा मंत्रालय, राजकोष और वाणिज्य मंत्रालय के समकक्षों के साथ चर्चा की। मिस्री ने विदेश उप मंत्री क्रिस्टोफर लैंडाउ से द्विपक्षीय साझेदारी पर भी चर्चा की, जिसमें दोनों पक्षों ने सहमति जताई।

जो देश धन शोधन, आतंकवादी वित्तपोषणका मुकाबला करने के लिए अपने शासन में रणनीतिक कमियों को दूर करने में विफल रहते हैं, और बढ़ी हुई निगरानी के अधीन हैं, उन्हें एफएटीएफ की ग्रे सूची में रखा जाता है।

उल्लेखनीय है कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने पर्यटकों पर हमला किया था। आतंकियों ने गोली मारकर 26 निर्दोष पर्यटकों की हत्या कर दी थी, जिसके जवाब में भारतीय बलों ने सात मई की सुबह ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। इसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले कर उन्हें नष्ट कर दिया। भारत की कार्रवाई से बौखलाए पाकिस्तान ने भी हमला करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय सेना ने इसी ऑपरेशन के तहत उसके सभी प्रयासों को नाकाम कर दिया। इसके बाद, भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिनों तक सैन्य संघर्ष चला। हालांकि, 10 मई को दोनों पक्षों ने सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति जताई, जिसके बाद दोनों परमाणु संपन्न देशों के बीच संघर्ष समाप्त हो गया।

Uttarakhand Jagran

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