देश-विदेश

गाज़ा संघर्षविराम प्रस्ताव पर हमास ने मांगे बदलाव, अमेरिकी गारंटी और इजराइली वापसी मुख्य मुद्दे

गाजा में चल रहे करीब 20 महीने लंबे युद्ध को रोकने के लिए अमेरिका द्वारा दिए गए संघर्षविराम प्रस्ताव पर हमास ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। एक वरिष्ठ हमास अधिकारी ने बताया कि उन्होंने कुछ बिंदुओं पर सुझाव और बदलाव मांगे हैं। ये बदलाव खास तौर पर अमेरिका की गारंटी, बंधकों की रिहाई की समय-सीमा, राहत सामग्री की आपूर्ति और इस्राइली सेनाओं की वापसी से जुड़े हैं। साथ ही हमास की ओर से एक अलग बयान में कहा गया है कि यह प्रस्ताव स्थायी संघर्षविराम, गाजा से इस्राइली सेना की पूरी तरह वापसी और मानवीय सहायता की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने की बात करता है।

हमास ने यह भी बताया कि वे 10 जीवित बंधकों और 18 मृत बंधकों के शवों को रिहा करेंगे, जिसके बदले में सहमति के अनुसार फिलिस्तीनी कैदियों को छोड़ा जाएगा। वहीं, इस्राइली अधिकारियों ने इस अमेरिकी प्रस्ताव को अस्थायी संघर्षविराम के लिए मंजूरी दे दी है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि समझौता करने के लिए बातचीत अंतिम दौर में है।

इससे पहले गुरुवार को इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक अहम घोषणा करते हुए कहा था कि गाजा पट्टी में युद्ध विराम को लेकर अमेरिका के एक नए प्रस्ताव को इस्राइल ने स्वीकार कर लिया। यह प्रस्ताव अमेरिका के मिडिल ईस्ट मामलों के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ की तरफ से पेश किया गया।

हालांकि अब तक अमेरिका की तरफ से भेजे गए संघर्ष विराम प्रस्ताव की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है, लेकिन मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इसमें कुछ शर्तें शामिल हो सकती हैं। जैसे कि:—

  • सीमित अवधि का युद्धविराम – ताकि मानवीय राहत पहुंचाई जा सके।
  • गाजा से बंधकों की रिहाई – खासकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की।
  • हमास के ठिकानों पर हमलों को रोकना – ताकि बातचीत आगे बढ़ सके।
  • गाजा में मानवीय सहायता पहुंचाना – जिसमें दवाइयां, भोजन और पानी शामिल हैं।
Uttarakhand Jagran

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