हिमाचल प्रदेश कार्बन क्रेडिट पर अपना दावा मजबूती से पेश करेगा। 11 अप्रैल को राज्य सरकार के शीर्ष अधिकारियों के साथ प्रदेश सचिवालय में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इसमें वन, बागवानी, पशुपालन, कृषि, ऊर्जा, परिवहन, शहरी विकास, ऊर्जा आदि विभिन्न विभागों के शीर्ष अधिकारी भाग लेंगे। क्रेडिट बाजार के विभिन्न पहलुओं का पता लगाने और राज्य के लिए अतिरिक्त राजस्व अर्जित करने की संभावना तलाशने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने 10 सदस्यीय कार्बन क्रेडिट समिति गठित की है। कार्बन क्रेडिट के दावे को ठोस तरीके से पेश कर हिमाचल सरकार अपनी आमदनी बढ़ाएगी।
यह समिति अतिरिक्त मुख्य सचिव वन केके पंत की अध्यक्षता में बनाई गई है। इसमें कमेटी के सदस्य बागवानी, पशुपालन, कृषि, ऊर्जा, परिवहन, शहरी विकास, ऊर्जा निदेशक, ऊर्जा निगम के प्रबंध निदेशक, हिमाचल सदन के ओएसडी सुशील कुमार और अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल प्रशासनिक सचिव होंगे। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू स्पष्ट कर चुके हैं कि यह समिति मौजूदा अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजारों का आकलन करेगी। इससे प्रदेश में क्षेत्र विशेष में कार्बन बाजार विकसित करने के लिए अध्ययन किया जा सकेगा। इस कमेटी की बैठक महीने में कम से कम एक बार होगी।
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