देहरादून: देश में जितने भी कॉरपोरेशन हैं उनमें आउटसोर्स कर्मचारी संख्या के हिसाब से उपनल दूसरे स्थान पर है। उत्तराखंड में सेवा के दौरान उपनल कर्मचारी की मौत होने पर आश्रितों को सरकार एक लाख रुपये का मुआवजा देगी। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने उपनल कर्मचारी महासंघ के अधिवेशन में इसकी घोषणा की। अभी यह राशि 15 हजार रुपये है।
मंत्री ने उपनल (उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लि.) कर्मचारियों की अन्य मांगों के भी शीघ्र निपटारे का आश्वासन दिया। यमुना कालोनी में आयोजित उपनल कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय अधिवेशन में मंत्री ने कहा उपनल कर्मचारी हर विभाग के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं। सरकार का दायित्व है कि कर्मचारियों की समस्या को सुने और समाधान करें। उपनल की ओर से प्रदेश भर के अभ्यर्थियों का ऑनलाइन पंजीकरण किया जा रहा है।
वर्तमान में उपनल से विभिन्न विभागों में लगभग 24 हजार कर्मचारी कार्यरत हैं। देश में जितने भी कॉरपोरेशन हैं उनमें आउटसोर्स कर्मचारी संख्या के हिसाब से उपनल दूसरे स्थान पर है। मंत्री ने कहा पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों के लिए कल्याणकारी योजनाओं में सीएसआर मद से लगभग 56 लाख खर्च किए जा चुके हैं। उपनल ने जोशीमठ आपदा में भी मुख्यमंत्री राहत कोष में 11 लाख रुपये दिए हैं। कार्यक्रम में सभापति विजयराम खकरियाल, उपनल महासंघ प्रदेश अध्यक्ष विनोद गोदियाल, महामंत्री विनय प्रसाद,महेश भट्ट, मनोज सेमवाल, उपाध्यक्ष राकेश राणा, कोषाध्यक्ष गरिमा डोभाल, सचिव नरेश शाह आदि मौजूद रहे।
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