उत्तराखंड का रुद्रप्रयाग एक बार फिर आपदा की चुनौती से जूझता दिखा। शुक्रवार, 29 अगस्त को अचानक हालात ऐसे बने कि ग्राम तालजामल और ग्राम कुम्द के लोग गहरी मुश्किलों में फंस गए। चारों तरफ भय और असहायता का माहौल था, लेकिन इसी बीच SDRF उत्तराखंड की टीम ने अपनी मुस्तैदी और बहादुरी से इंसानियत की बड़ी मिसाल पेश की।
ग्राम तालजामल से 40 लोग सुरक्षित निकाले गए
आपदा की सूचना मिलते ही अगस्त्यमुनि पोस्ट से SDRF की टीम अपर उप निरीक्षक हरीश बंगारी के नेतृत्व में मौके पर पहुंची। जोखिम भरे रास्तों और विपरीत परिस्थितियों से जूझते हुए टीम ने ग्राम तालजामल से 40 ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। जैसे ही लोगों को सुरक्षित निकाला गया, उनके चेहरों पर कृतज्ञता और राहत की झलक साफ दिखाई दी।
ग्राम कुम्द से 30 लोग सुरक्षित बाहर निकाले
पहले चरण की सफलता के बाद SDRF टीम तुरंत ग्राम कुम्द की ओर रवाना हुई। यहां भी हालात बेहद कठिन थे। लेकिन हिम्मत और धैर्य के साथ 30 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर उनके परिजनों से मिलाया गया। वहां मौजूद ग्रामीणों की आंखों में आंसू थे—जो डर से नहीं, बल्कि राहत और आभार से छलक रहे थे।
ग्रामीणों ने जताया आभार
राहत पाने के बाद ग्रामीणों ने SDRF टीम का आभार जताया। किसी ने कहा “अगर SDRF समय पर नहीं आती तो पता नहीं हमारा क्या होता।” वहीं कई महिलाएं और बुजुर्ग टीम को देखकर भावुक हो उठे।
SDRF का समर्पण फिर बना मिसाल
यह ऑपरेशन एक बार फिर साबित करता है कि SDRF केवल एक बचाव टीम नहीं, बल्कि लोगों के लिए संकट की घड़ी में संजीवनी है। जोखिमों से लड़ते हुए ग्रामीणों को सुरक्षित निकालना उनकी कर्तव्यनिष्ठा और जज्बे का बड़ा उदाहरण है।
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