वाराणसी : श्रीकाशी विश्वनाथ के अनन्य साधक, परम वीतराग तपस्वी, महान विद्वान, श्रोत्रिय ब्रह्मनिष्ठ शिवस्वरूप स्वामी शिवशंकर चैतन्य भारती उपाख्य स्वामी भारतीजी महाराज का रविवार को निधन हो गया। उन्होंने श्रीरामकृष्ण मिशन अस्पताल में दोपहर दो बजे अंतिम सांस ली। वह सौ वर्ष से अधिक आयु के थे।
राज राजेश्वरी मठ, ललिता घाट में तीसरे तल पर एकांतवास करने वाले स्वामी कुछ दिनों से अशक्त हो चले थे, लेकिन उनकी साधना-उपासना निरंतर जारी रही। वह मूलत: राजस्थान के निवासी थे। युवावस्था में ही उन्होंने स्वामी शंकर चैतन्य भारती से संन्यास की दीक्षा ली और काशी प्रवास करने लगे। उनके जैसा संस्कृत व प्राच्य विद्या का विद्वान व महान तपस्वी साधक दूसरा नहीं था। काशी के लोग उन्हें साक्षात शिव का स्वरूप मानते थे। स्वामी शंकर चैतन्य भारती के निधन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक्स पर शोक संवेदना जताई।
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