पेपर लीक के मामले की CBI जाँच और इसकी मांग के लिए प्रदर्शन करने की अनुमति मांगने क़ो लेकर हाईकोर्ट में गए याचिकाकर्ताओ क़ो हाई कोर्ट ने बड़ा झटका दिया हैं। वहीं हाई कोर्ट ने साफ कह दिया हैं कि अपना विरोध दर्ज कराने का अधिकार सभी क़ो हैं लेकिन शांतिपूर्ण ढंग से इसका मतलब ये नहीं हैं कि विरोध के बहाने कोई हिंसा करें और सार्वजानिक संपत्ति क़ो नुकसान पहुचाये।
हाईकोर्ट ने साफ कहा की विरोध कर सकते हैं लेकिन उससे पहले जिला प्रशासन से अनुमति लेकर वहीं हाईकोर्ट ने साफ कहा की हम राज्य सरकार क़ो निर्देश देते हैं कि जो भी क़ानून व्यवस्था क़ो तोड़े या फिर हिंसा करे उसके खिलाफ सख्त रुख अपनाया जाए।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने जगतगुरु स्वामी राम भद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय चित्रकूट के कुलपति…
बरेली में मजार की आड़ में अवैध तरीके मार्केट बनाने के सवाल पर नगर विकास…
आगामी धनतेरस, दीपावली, भैया दूज और गोवर्धन पूजा जैसे प्रमुख त्योहारों के मद्देनजर पुलिस और…
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की स्नातक स्तरीय परीक्षा को रद्द करने का बड़ा फैसला…
'कांतारा चैप्टरा 1' फिल्म दर्शकों को काफी प्रभावित कर रही है। रिलीज के पहले दिन…
भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई पर सुप्रीम कोर्ट के अंदर हुए हमले की विपक्षी…