वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एस.पी. गोयल ने उत्तर प्रदेश के 56वें मुख्य सचिव के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया है। उनके पदभार संभालने के साथ ही शासन स्तर पर व्यापक बदलाव की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, कई अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारियों के विभागों में फेरबदल तय माना जा रहा है।
एस.पी. गोयल के मुख्य सचिव बनने के बाद अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री का पद खाली हो गया है। इस पद पर गोयल की नियुक्ति के चलते उनके पास रहे कई विभागों को प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद को अंतरिम रूप से सौंपा गया है। माना जा रहा है कि जल्द ही मुख्यमंत्री सचिवालय में कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की नई तैनाती की जा सकती है, ताकि प्रशासनिक कार्यों में गति और समन्वय सुनिश्चित हो सके।
प्रमुख सचिव संजय प्रसाद को सरकार की ओर से और अधिक दायित्व दिए गए हैं। उन्हें अब राज्य संपत्ति विभाग और नागरिक उड्डयन विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। वर्तमान में उनके पास पहले से ही मुख्यमंत्री कार्यालय, गृह, गोपन, और सूचना विभाग का प्रभार है। अब मुख्यमंत्री सचिवालय में वे सबसे वरिष्ठ अधिकारी और प्रमुख समन्वयक की भूमिका निभा रहे हैं।
विभिन्न मंत्रियों और उनके विभागीय अपर मुख्य सचिवों/प्रमुख सचिवों के बीच चल रही तानातानी और कार्य समन्वय की चुनौतियों को देखते हुए, शासन स्तर पर और अधिक बदलाव की संभावना है। सरकार चाहती है कि वरिष्ठ और अनुभवशील अधिकारियों को मुख्यमंत्री सचिवालय और अन्य अहम विभागों में तैनात किया जाए, ताकि आगामी योजनाओं की प्रभावी निगरानी और क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
प्रदेश में 2026-27 में पंचायत चुनाव, और 2027 के मार्च-अप्रैल में विधानसभा चुनाव संभावित हैं। इसके मद्देनज़र, सरकार की योजना है कि वरिष्ठ और दक्ष अफसरों की टीम के जरिए विकास योजनाओं की मानिटरिंग और निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन को गति दी जाए। सरकार की प्राथमिकता में प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना और विकास कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्ता पूर्ण ढंग से पूरा कराना शामिल है।
मुख्य सचिव एस.पी. गोयल को अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (IIDC) का भी अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इसके साथ ही वे:
अपर मुख्य सचिव समन्वय,
पिकप (PICP) के अध्यक्ष,
यूपीडा (UPEDA) और UPSHA के मुख्य कार्यपालक अधिकारी,
तथा यूपीडा स्पेशल प्रोजेक्ट्स (UPEDASP) के परियोजना निदेशक की जिम्मेदारी भी निभाएंगे।
यह वही जिम्मेदारियां हैं, जिन्हें पूर्व मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने भी अपने कार्यकाल में संभाला था।
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