चारधाम यात्रा मार्ग पर बीमार श्रद्धालुओं की मृत्यु की बढ़ती संख्या और सड़क हादसों पर कांग्रेस ने सरकार को कठघरे में किया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने बीते दिन सरकार पर यात्रा की व्यवस्थाओं में लापरवाही का आरोप लगाया। कहा कि कांग्रेस ने यात्रा के शुरूआत में की व्यवस्थागत खामियों को लेकर सरकार को चेताया था।
लेकिन सत्ता के मद में चूर सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया। माहरा ने कहा कि धाम के कपाट खुलने के तत्काल बाद ही मैंने सरकार का ध्यान कई अव्यवस्थाओं की ओर खींचा था। यदि समय रहते यातायात सुरक्षा, सड़कों की मरम्मत और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर कर दिया जाता तो राज्य की छवि बेहतर होकर उभरती। पर आज हालात खराब है।
यात्री उमड़ रहे हैं, लेकिन सरकार की उनकी व्यवस्था तक नहीं कर पा रही। मजबूर होकर यात्रियों को बिना दर्शन किए ही लौटना पड़ रहा है। यात्रियों की मृत्यु की बात तो और भी गंभीर है। अभी यात्रा को एक महीना भी नहीं हुआ और रास्ते में बीमारी से मरने वाले यात्रियों की संख्या 100 पार कर चुकी है। यदि यात्रा मार्ग पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया होती तो यह दिन न देखने पड़ते। पर्यटन मंत्री के साथ साथ दो दो प्रभारी मंत्री भी यात्रा मार्ग की व्यवस्थाओं के लिए तैनात किए गए हैं, लेकिन नतीजा जीरो है।
माहरा- समान नागरिक संहिता
माहरा ने समान नागरिक संहिता को लेकर कहा कि यदि यह निष्पक्ष और जनहित सोच के साथ किया जा रहा है तो इसका स्वागत किया जाएगा। लेकिन भाजपा की चाल और चरित्र एक खास किस्म की राजनीति पर केंद्रित है। इससे केंद्र और राज्य सरकार की नीयत पर शक पैदा होता है। सरकार को चाहिए कि वो हर वर्ग से बातचीत कर ठोस और जनपक्षीय नीति बनाए।
सीएम खुद सभी अव्यस्थाओं का संज्ञान लें
माहरा ने कहा कि अभी भी ज्यादा वक्त नहीं गुजरा है। सीएम खुद सभी अव्यस्थाओं का संज्ञान लेते हुए कमान अपने हाथ में लें। माहरा ने पुरोला विधायक के खिलाफ एसडीएम द्वारा पुलिस से शिकायत करने को गंभीर विषय बताया। कहा कि आखिर क्या बात थी कि एक अधिकारी को जनप्रतिनिधि के खिलाफ एफआईआर जैसा कदम उठाना पड़ा? सरकार को अपने गिरेबां मे झांकना होगा।



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