उत्तरकाशी:- धराली-हर्षिल क्षेत्र में आई आपदा के 34 दिन बाद मंगलवार को गुजरात के यात्रियों का पहला दल गंगोत्री धाम पहुंचा। इस दौरान आपदा के बाद से सुने पड़े धाम में रौनक लौट आयी। यात्री भी आपदा के बाद सबसे पहले धाम पहुंचने को लेकर उत्साहित दिखे। उन्होंने मां गंगा की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। साथ ही गंगा की जलधारा में स्नान व आचमन किया।
बता दें कि बीते पांच अगस्त को खीरगंगा नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के चलते धराली कस्बा तबाह हो गया था। यहां चारों ओर मलबा पसर गया था। कई आलीशान होटल, होमस्टे व दुकानें मलबे में दब गयी थी। वहीं, तेलगाड के उफान पर आने से हर्षिल स्थित सेना के कैंप को भी नुकसान पहुंचा था। दोनों जगह आई आपदा में करीब 69 लोग लापता हुए। जिनमें से मात्र दो के ही शव बरामद हो पाये। आपदा के बाद हर्षिल व धराली के बीच 1 किमी लंबी लंबी व 50 मीटर चौड़ी झील बन गयी थी। इस झील में गंगोत्री हाईवे का भी 100 मीटर से अधिक हिस्सा लंबे समय तक जलमग्न रहा।
इसके चलते गंगोत्री धाम से सड़क संपर्क कट गया था। बीते 29 अगस्त को मलबा भरान के बाद झील में जलमग्न हाईवे को फोर-बाइ-फोर वाहनों की आवाजाही के लिए तैयार किया गया। लेकिन भटवाड़ी में डबरानी, हेल्गूगाड के पास हाईवे बंद होने से धाम तक आवाजाही बंद रही। गत सोमवार को तीसरे दिन हेल्गूगाड में आवाजाही बहाल हुई तो मंगलवार को गुजरात के यात्रियों का पहला दल धाम के लिए पहुंचा। दस से अधिक टैक्सी वाहनों से धाम पहुंचे यात्री धाम के दर्शनों को लेकर लालायित व उत्साहित नजर आये। चारधाम संयुक्त संरक्षण समिति के संयोजक अजय पुरी, होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेंद्र मटूड़ा ने आपदा के लंबे अंतराल बाद यात्रियों के धाम पहुंचने पर खुशी जताई। आने वाले समय में और यात्रियों के धाम के दर्शनों को पहुंचने की उम्मीद है।



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