केदारनाथ विधानसभा उपचुनाव को लेकर दिवंगत विधायक शैलारानी रावत की पुत्री ऐश्वर्या रावत ने खरीदा नामांकन प्रपत्र

केदारनाथ विधानसभा उपचुनाव को लेकर दिवंगत विधायक शैलारानी रावत की पुत्री ऐश्वर्या रावत ने नामांकन प्रपत्र खरीदा। अभी तक कुल 6 प्रत्याशियों ने नाम निर्देशन पत्र प्राप्त किए हैं। शुक्रवार को ऐश्वर्या रावत के नाम से रिटर्निंग कार्यालय ऊखीमठ से नामांकन प्रपत्र खरीदा गया। बता दें कि विस उपचुनाव के लिए ऐश्वर्या रावत का नाम भाजपा के पैनल में शामिल है। उन्होंने कहा वह अपनी मां के जनता से किए गए वादों को पूरा करना चाहती हैं। इधर, रिर्टनिंग अधिकारी व उप जिलाधिकारी अनिल कुमार शुक्ला ने बताया कि अभी तक छह नामांकन प्रपत्र की बिक्री हो चुकी है। किसी भी प्रत्याशी ने नामांकन प्रपत्र जमा नहीं किए हैं।

जयदीप बर्त्वाल ने दिवंगत विधायक शैलारानी रावत के धर्मपुत्र के तौर पर केदारनाथ विस उप चुनाव के लिए भाजपा से टिकट की दावेदारी की है। कहा कि भाजपा की परिपाटी रही है कि उप चुनाव में परिवार को तरजीह दी जाती है, ऐसे में भावनात्मक व धर्मपुत्र के नाते मैं भी अपनी दावेदारी कर रहा हूं। साथ ही, पार्टी जिसे भी अपना प्रत्याशी चुनती है, उसके लिए भी समर्पित भाव से कंधा से कंधा मिलाकर काम करुंगा।

प्रेसवार्ता में भाजपा नेता व हेमवती नंदन बहुगुणा विवि श्रीनगर गढ़वाल के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष जयदीप बत्र्वाल ने कहा कि केदारनाथ की विधायक शैलारानी रावत का निधन लापरवाही के कारण हुआ। उन्हें, जिस देखरेख की जरूरत थी, वह उन्हें नहीं दी गई। साथ ही उनके आखिरी समय में मुझे उनसे मिलने नहीं दिया गया। यहां तक कि मेरे खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई। उन्होंने कहा कि केदारनाथ की पूर्व विधायक शैलारानी रावत के ऑपरेशन की तिथि तय करने मेदांता अस्पताल गए थे, वहां चिकित्सकों से विचार-विमर्श के बाद लौटते समय जाखण पुलिस द्वारा फोन कर बताया गया कि उनके खिलाफ शिकायती पत्र मिला है। कहा कि मुझ पर धमकाने के आरोप लगाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि आखिरी समय में मुझे शैलारानी रावत, जो मेरी अम्मा थी, मुझे उनसे मिलने नहीं दिया गया। साथ ही मुझसे उनकी चिता को मुखाग्नि देने का अधिकार भी छीना गया। कहा कि भले ही मेरा उनके साथ खून का रिश्ता नहीं था पर बीते तीन दशक तक मैं एक धर्मपुत्र के तौर पर उनके साथ एक साए के रूप में रहा हूं। जयदीप बत्र्वाल ने कहा कि मां ने जो कहा, एक पुत्र के तौर पर उन्होंने सभी फर्ज निभाए, पर आज उनके निधन के बाद बेटी की तकरार से आहत हैं। कहा कि मां ने प्यार में मुझसे सबकुछ मांगा, जो मैंने खुशी-खुशी दिया और आज बेटी तकरार कर रही है, जो सही नहीं है।

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