उत्तराखंड के उद्योग मंत्री चंदन राम दास का कहना है कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार व नैनो योजना के तहत अधिक से अधिक लोगों को स्वरोजगार उपलब्ध हो सके, इसके लिए नियमों का सरलीकरण किया गया है। सरकार का प्रयास है कि स्वरोजगार के लिए लाभार्थियों को आसानी से ऋण उपलब्ध हो। इसके लिए नीतियों में बदलाव किया जा रहा है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और अति सूक्ष्म (नैनो) योजना में स्वरोजगार के लिए सरकार ने साक्षात्कार का झंझट खत्म कर दिया है। अब स्वरोजगार के लिए प्राप्त आवेदनों की जांच करने के बाद जिला उद्योग महाप्रबंधक सीधे ऋण उपलब्ध कराने के लिए बैंकों को भेजेंगे। वहीं बैंकों को आवेदन प्राप्त होने के बाद 21 दिन के भीतर ऋण स्वीकृत करने की समय सीमा तय की गई है। पहले यह समय सीमा 30 दिन निर्धारित थी।
कोविड लॉकडाउन में शुरू की गई मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और अति सूक्ष्म नैनो योजना के तहत सरकार ने स्वरोजगार आवेदन की प्रक्रिया को आसान किया है। अभी तक जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित टास्क फोर्स के माध्यम से ऑनलाइन आवेदनों की जांच कर साक्षात्कार लिया जाता है। इसके बाद ही आवेदनों को अनुमति देकर बैंकों को ऋण उपलब्ध कराने के लिए भेजा जाता था।
अब धामी सरकार ने इस व्यवस्था को खत्म कर दिया है। अब स्वरोजगार आवेदनों की जिला उद्योग महाप्रबंधक जांच करने के बाद तीन दिन के भीतर बैंकों को भेजेंगे। सचिव उद्योग डॉ.पंकज कुमार पांडेय ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना व नैनो योजना के नियमों में बदलाव के आदेश जारी किए हैं।



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