मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया हवाई सर्वेक्षण, राहत कार्यों की समीक्षा

हिमाचल प्रदेश के  मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कांगड़ा जिला के फतेहपुर और इंदौरा के साथ जिला चंबा के भरमौर और मणिमहेश सहित अन्य बाढ़ एवं आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने स्थिति का जायजा लेते हुए राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री चंबा के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। प्रभावित परिवारों से भेंट कर उनकी समस्याओं को सुनेंगे। सीएम प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की भी समीक्षा करेंगे।

इससे पहले मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू शनिवार सुबह दिल्ली से पठानकोट पहुंचे। पठानकोट पहुंचने पर उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा और पुलिस अधीक्षक अशोक रतन ने उन्हें जिले में भारी बारिश से हुए नुकसान और राहत कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। हाल ही में पौंग डैम से अत्यधिक पानी छोड़े जाने के कारण फतेहपुर और इंदौरा विधानसभा क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन के साथ एनडीआरएफ की टीमें भी राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत कार्यों की जानकारी ली और अधिंकारियों को हरसंभव सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके बाद वे चंबा जिले के लिए रवाना  हुए। सीएम ने मणिमहेश, भरमौर व चंबा में तेज बारिश से हुई भयंकर तबाही का हवाई सर्वेक्षण कर जिला प्रशासन के साथ बैठक की।

भरमौर में नहीं उतर पाया सीएम सुक्खू का चॉपर
सीएम सुखविंद्र सुक्खू का चाॅपर खराब माैसम के चलते भरमौर में नहीं उतर पाया। चंबा पहुंचे सीएम सुक्खू ने श्रद्धालुओं की यात्रा के दाैरान बड़ी संख्या में मौतों को अफवाह बताया और भाजपा के सिर इसका ठीकरा फोड़ा। उन्होंने सोशल मीडिया की अफवाहों के बजाय सरकार के आदेशों पर ध्यान देने की बात कही। सीएम ने कहा कि जिला प्रशासन को दिए निर्देश हैं कि चंबा को खोलने के लिए भरपूर मशीनरी लगाई जाए। कहा कि मौसम साफ होने पर चॉपर के जरिये श्रद्धालुओं को निकाला जा सकता है। फिलहाल श्रद्धालुओं की इच्छा पर उन्हें पैदल पुलिस बल के साथ भेजा जा रहा है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डाॅ. राजीव बिंदल ने कहा है कि प्रदेश में बीते कई दिनों से लगातार भारी बरसात के कारण चिंताजनक स्थिति बनी हुई है। बिंदल ने कहा कि चंबा में मणिमहेश यात्रा में हजारों लोग फंसे हुए हैं। बहुत से यात्री अत्यंत कठिन परिस्थितियों में वापिस अपने घरों को पहुंच रहे हैं। लेकिन प्रदेश की सरकार कतई गंभीर दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का दिल्ली और पटना से ऑनलाइन प्रदेश के अंदर आपदा की स्थिति पर बैठक करना इस बात को साबित करता है कि वो प्रदेश की जनता के कष्टों के प्रति गंभीर नहीं हैं। वह केवल अपनी राजनीति चमकाने के लिए बिहार पटना के दौरे पर गए हैं।

बिंदल ने कहा कि सिरमौर जिला में पिछले पांच दिन से निरंतर भारी बरसात के कारण नुकसान हो रहा है। जिला में 100 से अधिक सडकें और पेयजल योजनाएं बंद हैं। 50 से ज्यादा घर ऐसे हैं जो पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। कुछ गांव ऐसे हैं जिनकी जमीन धंस रही हैं। नाहन विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत मात्तर पंचायत, हरिपुर खोल पंचायत और रामपुर भारापुर पंचायत आपदा से बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं। हरिपुरखोल पंचायत के अंदर 100 से ज्यादा मकान खतरे की जद में आ गए हैं। क्षेत्र के 15 परिवारों को विस्थापित करके हरिपुरखोल पंचायत घर और स्कूल में रखा गया है।  सिरमौर और चंबा जिला प्रशासन से आग्रह हैं कि जनता की मदद के लिए मुस्तैदी से आगे आएं।

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