उत्तराखंड:- राष्ट्रीय राजमार्ग 74 घोटाले में ईडी ने तीन आरोपियों और एक फर्म के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। इनमें एक कारोबारी और उसकी फर्म भी शामिल है। सभी पर गलत तरीके से मुआवजा लेने का आरोप है। ईडी इस मामले में आरोपियों की ढाई करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां अटैच कर चुकी है।गौरतलब है कि वर्ष 2017 में एनएच घोटाला सामने आया था।
इसकी जब एसआईटी ने जांच शुरू की तो कई अधिकारी और स्थानीय किसान जांच के घेरे में आए। सैकड़ों लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए। किसानों ने अपनी जमीनों को रिहायशी दर्शाकर करोड़ों रुपये का मुआवजा हासिल किया था। इनमें बहुत से किसान पंजाब के मूल निवासी थे। एसआईटी की जांच के बाद कई अधिकारियों पर गाज भी गिरी। एसआईटी की जांच के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने वर्ष 2022 में कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई के इस क्रम में ईडी ने बहुत से लोगों की संपत्तियां अटैच की। ईडी ने विक्रमजीत सिंह निवासी गिन्नीखेड़ा, अलीगंज, काशीपुर ऊधमसिंहनगर, मंदीप सिंह निवासी गिन्नीखेड़ा, विक्रमजीत सिंह और मंदीप की फर्म टेरा टेरा सीड्स और दिनेश प्रताप सिंह निवासी राजपुर रोड देहरादून के खिलाफ धनशोधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की थी।
इनकी संपत्तियां अटैच करने के बाद ईडी ने इनके खिलाफ अभियोजन शिकायत दर्ज कराई। इसकी स्पेशल कोर्ट में सुनवाई हुई। अब इनके खिलाफ ईडी ने जांच के बाद धनशोधन अधिनियम के तहत चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस चार्जशीट का स्पेशल ईडी कोर्ट ने संज्ञान लेकर ट्रायल के लिए 13 मई की तिथि नियत की है।
विक्रमजीत सिंह : 12 लाख रुपये की अचल संपत्तियां
टेरा टेरा सीड्स : 2.11 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां
टेरा टेरा सीड्स के खाते में : 22.87 लाख रुपये
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने जगतगुरु स्वामी राम भद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय चित्रकूट के कुलपति…
बरेली में मजार की आड़ में अवैध तरीके मार्केट बनाने के सवाल पर नगर विकास…
आगामी धनतेरस, दीपावली, भैया दूज और गोवर्धन पूजा जैसे प्रमुख त्योहारों के मद्देनजर पुलिस और…
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की स्नातक स्तरीय परीक्षा को रद्द करने का बड़ा फैसला…
'कांतारा चैप्टरा 1' फिल्म दर्शकों को काफी प्रभावित कर रही है। रिलीज के पहले दिन…
भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई पर सुप्रीम कोर्ट के अंदर हुए हमले की विपक्षी…