कानपुर:- सूरज के नजरें तरेरते ही घरों, कार्यालयों, प्रतिष्ठानों और शैक्षणिक संस्थानों में एसी और कूलर का उपयोग बढ़ गया है। इस कारण कानपुर बिजली की खपत बढ़ गई है। पिछले पांच दिन में बिजली की डिमांड में 93 मेगावाट का इजाफा हुआ है। मई के तीसरे हफ्ते में उमस और गर्मी ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। धूप की तपिश और गर्म हवा से बचने के लिए लोग घरों से कम ही निकल रहे हैं। दोपहर में राहत और रात के वक्त सुकून की नींद के लिए एसी और कूलर का सहारा लिया जा रहा है।
घरों में फर्राटा, टेबल फैन और पंखे भी अलग से चलाए जा रहे हैं। कई स्कूलों मे छुट्टियां हो गई हैं, जिसके चलते बच्चे घरों में टीवी और कंप्यूटर गेम खेलने में व्यस्त हो गए हैं। इन सभी से बिजली की डिमांड बढ़ गई है। अमूमन गर्मियों में बिजली की औसतन डिमांड 600 मेगावाट रहती है।
खपत बढ़ने की रिपोर्ट यूपीपीसीएल को भेजी गई
14 मई डिमांड 600 मेगावाट को पार कर गई थी। 17 मई को बिजली की खपत 648 मेगावाट रिकॉर्ड हुई। केस्को के मीडिया प्रभारी श्रीकांत रंगीला ने बताया कि गर्मी और उमस की वजह से बिजली की खपत बढ़ गई है। इसके आगे और बढ़ने की संभावना है। केस्को की ओर खपत बढ़ने की रिपोर्ट उत्तर प्रदेश पॉवर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) को भेजी गई है।
तापमान के अनुरूप बढ़ती खपत
बिजली की खपत तापमान और उमस के अनुरूप बढ़ती है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम अनुभाग के आकंड़ों के मुताबिक 13 मई को अधिकतम तापमान 38.8 और न्यूनतम 28.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ। इस दिन बिजली की खपत 555 मेगावॉट आई। शनिवार को जब पारा 46 पर पहुंचा तो डिमांड 648 मेगावाट हो गई।
दिन खपत
13 मई – 555
14 मई – 614
15 मई – 612
16 मई – 620
17 मई – 648



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