सरकारी अस्पतालों में शव ले जाने के लिए स्वास्थ्य महकमे के पास प्रदेश में मात्र 10 शव वाहन हैं। छह जिलों के जिला व उप जिला अस्पतालों में एक भी शव वाहन नहीं है। शासन ने सीएमओ को जिले में एक-एक शव वाहन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में उपचार के लिए भर्ती मरीज की मौत होने के बाद शव ले जाने के लिए परिजनों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। परिजनों को इसके लिए निजी एंबुलेंस या अन्य वाहन की व्यवस्था करनी पड़ती है। वर्तमान में स्वास्थ्य विभाग के पास देहरादून, हरिद्वार, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी, उत्तरकाशी व चमोली जिले में शव वाहन है। जबकि अल्मोड़ा, बागेश्वर, चंपावत, पौड़ी, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर जिले में एक भी शव वाहन नहीं है।
सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि जिन जिलों में शव वाहन नहीं है, उन जिलों के सीएमओ को निर्देश दिए कि जिलाधिकारी के निवर्तन पर उपलब्ध संसाधनों से तत्काल शव वाहन उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाए।



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