छात्रसंघ चुनाव में एमकेपी पीजी कॉलेज में पांच साल बाद एनएसयूआई ने जबरदस्त जीत हासिल की। कार्यकारिणी के सभी पदों पर एनएसयूआई का ही कब्जा हुआ। एनएसयूआई की विपाशा ने अध्यक्ष पद पर 67 मतों से जीत दर्ज की। हालांकि इस बार एमकेपी कॉलेज में सबसे कम 22.5 प्रतिशत ही मतदान हुआ। इस दौरान अध्यक्ष पद पर ही 11 छात्राओं ने नोटा को भी चुना।
नतीजों की घोषणा होते ही एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं में खुशी ही लहर दौड़ पड़ी। इसके बाद जीत का जश्न मनाया गया और पूरे पैनल को माला पहनाकर बधाई दी गई। शनिवार सुबह नौ बजे कॉलेज में मतदान शुरू हुआ। सुबह से ही मतदान के लिए छात्राओं में उत्साह नहीं दिखा। इसके चलते दोपहर एक बजे तक कॉलेज में 1358 छात्राओं में से कुल 306 छात्राओं ने ही मतदान किया।
इस दौरान कॉलेज में छात्राओं के बीच कहासुनी भी होती रही। दोपहर 2.30 बजे मतगणना शुरू हुई। करीब एक घंटे तक चली मतगणना के बाद नतीजे घोषित किए गए। इसमें अध्यक्ष पद पर एनएसयूआई की विपाशा ने एबीवीपी की शिवानी रावत को 67 मतों से हराकर जीत दर्ज की।
उपाध्यक्ष पद पर एनएसयूआई की महक वाल्मीकि ने एबीवीपी की तनिशा बिष्ट को चार मतों से हराया। महासचिव पद पर एनएसयूआई की पायल ने एबीवीपी की मुस्कान को 46 मतों से हराकर जीत दर्ज की। वहीं, सह सचिव पद पर एनएसयूआई की प्रियंका ने एबीवीपी की करीना प्रवीन को 58 मतों से हराकर जीत हासिल की। कोषाध्यक्ष के पद पर एनएसयूआई की रूकसार खातून ने 165 मत हासिल एबीवीपी की मानसी को 44 मतों से हराया। वहीं, विवि प्रतिनिधि पद पर एनएसयूआई की निधिका ने 171 मत हासिल कर एबीवीपी की राखी यादव को 53 मत से हराकर जीत दर्ज की।
एमकेपी पीजी कॉलेज में सुबह मतदान के बाद से दोपहर एक बजे तक गहमा गहमी का माहौल रहा। कॉलेज में कई बार छात्राओं के बीच कहासुनी हुई। इस दौरान एनसीसी की कुछ छात्राएं दीवार कूदकर कॉलेज में पहुंची तो उनके पास से हैंडकार्ड मिले। इस पर एनएसयूआई के पदाधिकारियों ने हंगामा कर दिया। इस दौरान गेट पर भी खूब हंगामा हुआ। इसके बाद कॉलेज प्रबंधक ने एनसीसी की नौ छात्राओं को मतदान से वंचित रखा और बाहर भेज दिया।

+ There are no comments
Add yours