विदेश मंत्रालय (एमईए) ने सोमवार को कहा कि मोल्दोवा अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) का 107वां सदस्य बन गया है। एक्स पर एक पोस्ट में विदेश मंत्रालय ने कहा कि सोमवार को नई दिल्ली में भारत में मोल्दोवा की राजदूत एना तबान के साथ बैठक के दौरान अनुसमर्थन पत्र सौंपा गया। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, ‘मोल्दोवा अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन का 107वां सदस्य बन गया है। मोल्दोवा गणराज्य ने नई दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के संयुक्त सचिव (आर्थिक कूटनीति) और डिपॉजिटरी प्रमुख पीएस गंगाधर के साथ भारत में मोल्दोवा की राजदूत एना तबानकी बैठक के दौरान अनुसमर्थन का साधन सौंपा।’
अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन एक वैश्विक पहल है, जिसकी शुरुआत 2015 में भारत और फ्रांस ने पेरिस में सीओपी21 में की थी। इसके 124 सदस्य और हस्ताक्षरकर्ता देश हैं। यह गठबंधन दुनिया भर में ऊर्जा की पहुंच और सुरक्षा में सुधार के लिए सरकारों के साथ मिलकर काम करता है और सौर ऊर्जा को स्वच्छ ऊर्जा के भविष्य की ओर एक स्थायी बदलाव के रूप में बढ़ावा देता है।
अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन का मिशन सौर ऊर्जा में निवेश को बढ़ावा देना है। इसके अलावा, तकनीक और वित्तपोषण की लागत को भी कम करना है। यह कृषि, स्वास्थ्य सेवा, परिवहन और बिजली उत्पादन क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देता है। ISA के सदस्य देश नीतियां और नियम बनाकर, सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करके, समान मानकों पर सहमति बनाकर और निवेश जुटाकर बदलाव ला रहे हैं। इस काम के जरिये, आईएसए ने सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए नए बिजनेस मॉडल बनाए, परखे और लागू किए हैं। इसने सरकारों को सलाह दी है ताकि वे अपने बिजली से जुड़े कानून और नीतियां सौर ऊर्जा के अनुकूल बना सकें। कई देशों से सौर तकनीक की मांग को इकट्ठा किया गया है और इसकी लागत को कम किया गया है। इसके अलावा, आईएसए ने निवेशकों के लिए सौर ऊर्जा क्षेत्र को सुरक्षित और आकर्षक बनाया है, ताकि इसमें ज्यादा पैसा लगाया जा सके। साथ ही, सौर इंजीनियरों और नीति बनाने वालों के लिए प्रशिक्षण, जानकारी और डेटा की सुविधा भी बढ़ाई गई है।

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