पहलगाम हमले के बाद एशिया कप में पाकिस्तान की भागीदारी पर संदेह

पाकिस्तान हॉकी महासंघ (पीएचएफ) चाहता है कि एशियाई हॉकी महासंघ (एएचएफ) भारत में 27 अगस्त से सात सितंबर तक होने वाले एशिया कप में भाग लेने के लिए उसके दल के लिए वीजा की गारंटी दे। यह जानकारी पीएचएफ के एक अधिकारी ने दी। पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव के कारण राजगीर (बिहार) में होने वाले टूर्नामेंट में पाकिस्तान की भागीदारी गंभीर संदेह में है और हॉकी इंडिया (एचआई) ने कहा है कि वह इस मामले पर सरकार के परामर्श का इंतजार कर रहे हैं।

हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह ने कहा, ‘अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी, लेकिन हम इस मुद्दे पर सरकार के निर्देशों का पालन करेंगे, जैसा कि पहले भी होता रहा है। हाल ही में पहलगाम में हुए बर्बर हमले और उसके बाद भारत द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद हम अभी कुछ भी भविष्यवाणी नहीं कर सकते हैं।’

पीएचएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि एशिया कप पाकिस्तान के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह अगले साल नीदरलैंड और बेल्जियम में होने वाले पुरुष विश्व कप के लिए क्वालिफाइंग टूर्नामेंट है। अधिकारी ने कहा, ‘हम एशिया कप के जरीये विश्व कप में जाने का अवसर नहीं खोना चाहते हैं। इसलिए हमारा मानना है कि इसका एक समाधान यह हो सकता है कि इस आयोजन को भारत से स्थानांतरित कर दिया जाए या एएचएफ हमारी टीम के लिए वीजा की गारंटी दे।’

पीएचएफ अधिकारी ने कहा कि 2026 की शुरुआत में विश्व कप क्वालिफाइंग टूर्नामेंट होंगे, लेकिन एशिया कप क्वालिफाई करने का अच्छा मौका है। पाकिस्तान 2023 में भारत में आयोजित पिछले विश्व कप के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाया था। महाद्वीपीय टूर्नामेंट के 12वें सत्र में भारत, पाकिस्तान, जापान, कोरिया, चीन, मलेशिया, ओमान और चीनी ताइपे भाग लेने वाले हैं। पाकिस्तान को अगर भारत आने की अनुमति नहीं मिलती है, तो टूर्नामेंट का आयोजन सात टीमों या पाकिस्तान की जगह नई टीम के साथ हो सकता है। यह फैसला हालांकि पूरी तरह से एशियाई हॉकी महासंघ के हाथों में होगा। इससे पहले 2016 में पठानकोट ‘एयर बेस’ पर आतंकवादी हमले के कुछ महीने बाद भारत में आयोजित जूनियर विश्व कप में पाकिस्तान ने हिस्सा नहीं लिया था। इस टूर्नामेंट में मलयेशिया ने पाकिस्तानी टीम की जगह ली थी।

हॉकी इंडिया के एक सूत्र ने कहा, ‘सरकार अगर पाकिस्तान की टीम को भारत यात्रा करने की मंजूरी नहीं देती है तो वह भारत नहीं आएगा। यह सब उस समय सरकार की स्थिति पर निर्भर करता है।’ अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर कहा, ‘अभी यह अनुमान लगाना बहुत मुश्किल है कि ऐसी स्थिति में कोई नयी टीम शामिल की जाएगी या यह सात टीमों का टूर्नामेंट होगा। एशियाई हॉकी महासंघ इस पर फैसला लेगा।’

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