रक्षा विभाग के विशेष अभियान 3.0 की प्रगति

रक्षा विभाग सहवर्ती स्वच्छता अभियान के साथ विशेष अभियान 3.0 के कार्यान्वयन चरण (02-31 अक्टूबर, 2023) के दूसरे सप्ताह में है। गौरतलब है कि विशेष अभियान 3.0 के प्रारंभिक चरण के दौरान, रक्षा विभाग ने पूरे भारत में कुल 3066 स्थानों/स्थलों की पहचान की थी, जहां जन-केंद्रित कार्यों के साथ स्वच्छता अभियान चलाया जाना है।

ये स्थान विभिन्न संगठनों जैसे रक्षा लेखा महानियंत्रक, सीमा सड़क संगठन, सैन्य अस्पताल, राष्ट्रीय कैडेट कोर महानिदेशालय, भारतीय तट रक्षक, सैनिक स्कूल, कैंटीन स्टोर विभाग और छावनी से संबंधित हैं। 11.10.23 के कारोबार की समाप्ति पर, 917 ऐसी साइटों को पहले ही कवर किया जा चुका है और सभी संबंधित गतिविधियों को विभिन्न सार्वजनिक मंचों/प्लेटफार्मों पर व्यापक प्रचार भी दिया गया है।

विभिन्न मापदंडों पर अनिर्णय जैसे सांसद की संदर्भ टिप्पणी, जन शिकायतें, अंतर-मंत्रालयी परामर्श, संसदीय आश्वासन और राज्य सरकार की संदर्भ टिप्पणी विशेष अभियान 3.0 पोर्टल पर दर्ज की गई थी। समीक्षा के लिए कुल 35,660 कागजी फाइलों की नए सिरे से पहचान की गई है, जिनमें से 11.10.2023 तक 18,631 ऐसी फाइलों की समीक्षा की जा चुकी है और 9,262 ऐसी फाइलों को हटाने का प्रस्ताव है।

एक समर्पित टीम दैनिक आधार पर विशेष अभियान 3.0 पोर्टल पर डेटा की निगरानी और अद्यतन करने के लिए विभाग के सभी प्रभागों और संलग्न/अधीनस्थ कार्यालयों के साथ संपर्क कर रही है।

11.10.23 को कारोबार की समाप्ति पर, कुल 44,561 वर्ग फुट जगह मुक्त की गई है और बेकार वाहनों की नीलामी और अन्य स्क्रैप और अप्रचलित वस्तुओं के निपटान के माध्यम से 55.14 करोड़ रुपये का राजस्व उत्पन्न किया गया है। कुल 27 नियमों/प्रक्रियाओं को भी सरल बनाया गया है।

विशेष अभियान 3.0 एवं स्वच्छता अभियान के संबंध में की जा रही सभी गतिविधियों को #विशेष अभियान 3.0 हैशटैग के साथ भी पोस्ट किया जा रहा है।

लेखक के बारे में

Uttarakhand Jagran http://uttarakhandjagran.co.in

हम आपके आस-पास की खबरों और विचारों के लिए एक विश्वसनीय मार्गदर्शक के रूप में काम करेंगे। हम सकारात्मक प्रभाव पैदा करने के लिए देश और समाज से जुड़ी खबरें और सूचनाएं परोसेंगे। हमारी टीम डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से ऑनलाइन प्रकाशन का काम करती है।

संपर्क - गोवर्धन प्रसाद मनोरी
मोबाइल नंबर - +91-9548276184

You May Also Like

More From Author

+ There are no comments

Add yours