पंजाब में एक बार फिर से सरकारी बसों के पहिए थम सकते हैं। क्योंकि पंजाब रोडवेज और पनबस कांट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने अपनी मांगों को चक्का जाम करने का एलान कर दिया है। ऐसे में अगर कांट्रैक्ट कर्मचारी हड़ताल पर गए तो पंजाब भर में यात्रियों को खासी परेशानी हो सकती है। अनुबंध पर काम कर रहे कर्मचारियों को नियमित करने की मांग की जा रही है। सरकार ने बैठक में यूनियन की मांगें पूरी करने की सहमति जताई थी, लेकिन अभी तक मांगें पूरी नहीं हुई है। ऐसे में यूनियन ने सात अप्रैल को हड़ताल की चेतावनी दी है। इससे पहले भी पंजाब रोडवेज, पीआरटीसी और पनबस कर्मियों ने जनवरी में दिन दिन हड़ताल की थी। 6, 7 और 8 जनवरी को पंजाब रोडवेज, पीआरटीसी और पनबस का चक्का जाम किया था। हालांकि यह हड़ताल सरकार के साथ बैठक के बाद दूसरे दिन वापस ले ली गई थी।
एक जुलाई 2024 को पंजाब सरकार के संबंधित अधिकारियों के साथ पंजाब रोडवेज, पीआरटीसी, पनबस मुलाजिमों की एक मीटिंग हुई थी, जिसमें मुख्य मांग थी कच्चे कर्मचारियों को पक्का करें। ठेकेदारी सिस्टम खत्म करें, विभाग में नई बसें और किलोमीटर स्कीम की बसें बंद करें, ट्रांसपोर्ट माफिया पर रोक लगाए, नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों को शर्तों के साथ बहाल करें और साथ में विभाग को सही ढंग से चलाने की मांग और वेतन बढ़ाने की मांग की गई थी।



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