सहारनपुर के सराफ दंपती ने हरिद्वार में गंगा में कूदकर की आत्महत्या, आत्महत्या से पहले भेजी सेल्फी और सुसाइड नोट

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के कोतवाली नगर के किशनपुरा के रहने वाले सराफ ने अपनी पत्नी के साथ खुदकुशी कर ली। हरिद्वार में दंपती ने गंगा में छलांग लगाकर जान दी। सराफ का शव बरामद हो गया है, जबकि देर शाम तक पत्नी का कोई पता नहीं चला। आत्महत्या करने से पहले उन्होंने सेल्फी, सुसाइड नोट और लोकेशन अपने परिजनों को भेजी। इस दिल दहलाने वाली घटना ने झकझोर दिया है। बताया जा रहा है कि दंपती के दो मासूम बच्चे भी हैं।  जानकारी के अनुसार, कारोबारी गोल्ड किटी जमा करने का काम करता था, जिसके चलते काफी कर्ज हो गया था। सोमवार सुबह 9.30 बजे रानीपुर पुलिस को सूचना मिली कि गांव जमालपुर खुर्द के निकट गंगनहर किनारे दलदल में एक शव फंसा हुआ है। पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया। मृतक के कपड़ों से मोबाइल और एक पर्स मिला। जिसके आधार पर उसकी पहचान सौरभ बब्बर (35) पुत्र दर्शनलाल बब्बर निवासी किशनपुरा कोतवाली नगर के रूप में हुई।

सौरभ की किशनपुरा में श्री साईं ज्वैलर्स के नाम से दुकान है, जो गोल्ड किटी जमा करने का भी काम करता था। सौरभ 10 अगस्त को अपने बेटे और बेटी को ससुराल गोविंदनगर में छोड़कर पत्नी मोना बब्बर के साथ हरिद्वार गया था। रात के समय उसने नौकर को फोन किया अब हम इस दुनिया से जा रहे हैं। इसके साथ ही पत्नी के साथ हरकी पैड़ी के पास हाथी पुल से गंगा में कूदने से पहले फोटो और लोकेशन भेजी थी, साथ ही सुसाइड नोट भी भेजा था। परिजन तभी से उनकी तलाश कर रहे थे। सुसाइड नोट के अनुसार, कर्ज में डूबने के बाद बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा था।

सौरभ ने जो सुसाइड नोट भेजा है उसमें लिखा है कि मैं सौरभ बब्बर कर्जी के दलदल में इस कदर फंस गया हूं कि बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा। अंत में मैं और मेरी धर्मपत्नी मोना बब्बर अपना जीवन समाप्त कर रहे हैं। हमारी किशनपुरा वाली प्रॉपर्टी (दुकान व मकान) दोनों बच्चों के लिए है। हमारे दोनों बच्चे अपनी नानी के घर नपुरा रहेंगे। इनका जीवन अब हम पति-पत्नी ने उनके हवाले करके जा रहे हैं। क्योंकि कमेटी हमें किसी और पर भरोसा नहीं है। सौरभ पांच साल के बेटे संयम और 12 साल की बेटी श्रद्धा को गोविंदनगर में उनके नाना-नानी के घर छोड़ गए थे। सौरभ बब्बर की एक ऑडियो भी वायरल हो रही है। जिसमें वह अपने परिचित गोल्लू को फोन कर कहते हैं कि यह सबको दिखा देना। हम हरिद्वार में है और हम जा रहे है दुनिया अंतिम छोड़कर। हम यहां से छलांग लगा रहे हैं।

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