उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने इगास-बग्वाल की देशवासियों को शुभकामनाएं दी है। ऋतु खंडूड़ी ने कहा है कि इगास-बग्वाल पर्व हम सभी के जीवन में नया प्रकाश लेकर आए और हमारा प्रदेश सदा सुख, समृद्धि और सौभाग्य से आलोकित रहे।
विधानसभा अध्यक्ष ने अपने संदेश में कहा है कि इगास लोक पर्वों एवं संस्कृति के संरक्षण का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि यह पर्व हमारे पूर्वजों की धरोहर व पर्वतीय संस्कृति की विरासत है। हमें अपने लोकपर्वों व संस्कृति को संरक्षित रखने की आवश्यकता है। देवभूमि में इस दौरान भैलो खेलने का रिवाज है जोकि खुशियों को एक दूसरे के साथ बांटने का माध्यम है। इस दिन रक्षा बंधन पर हाथ पर बंधे रक्षासूत्र को बछड़े की पूंछ पर बांधकर मन्नत पूरी होने के लिए आशीर्वाद मांगा जाता है।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा है कि ज्योति पर्व दीपावली का उत्सव इसी दिन पराकाष्ठा को पहुंचता है, इसलिए पर्वों की इस श्रृंखला को इगास-बग्वाल नाम दिया गया। विधानसभा अध्यक्ष ने सभी से पर्व को मनाए जाने का आह्वान करते हुए कहा है कि अपनी अलग संस्कृति और परंपराओं से उत्तराखंड की एक अलग पहचान हैं, लेकिन आधुनिकता के इस युग में धीरे-धीरे लुप्त हो रही संस्कृति और परंपराओं को बचाने की जिम्मेदारी हमारी नई पीढ़ी की है, ऐसे में अपनी संस्कृति, रीति रिवाज और परंपराओं को संजोय रखने के लिए हमें कई अहम कदम उठाने की जरूरत है ताकि हम अपनी अलग पहचान कायम रख सकें।
विधान सभा अध्यक्ष ने कहा की इगास पर्व का संदेश स्पष्ट है कि इस दिन सहयोगियों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करना,वंचितों के आंचल में भी हर्ष-उल्लास व पकवान-मिष्ठान्न सुनिश्चित करना और इससे भी बढ़कर यह अंधकार को दूर करने के लिए अंत तक प्रयास करना है।



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