भागलपुर के नवगछिया में रंगरा थाना क्षेत्र के मुरली सोनैया धार के पास शुक्रवार मध्य रात्रि बिहार एसटीएफ, स्थानीय पुलिस और कुख्यात अपराधी गिरोह के बीच मुठभेड़ हो गई। इसमें कुख्यात गुरुदेव मंडल को उसके सीने मे गोली लगी और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हालांकि इस दौरान छह सहयोगी अपराधी फरार भी हो गए। बताया जा रहा है कि दोनों तरफ से ताबड़तोड़ गोलीबारी हुई थी। घटनास्थल से पुलिस कौ कुछ खोखे भी बरामद हुए है। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। इधर, घटना की सूचना मिलते ही नवगछिया एसपी प्रेरणा कुमार, एसडीपीओ ओमप्रकाश, सर्किल इंस्पेक्टर बृजेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इधर एफएसएल टीम भी घटना स्थल पर पहुंची और जांच में जुट गई।
पुलिस के अनुसार, एसटीएफ एवं नवगछिया पुलिस को काफी समय से इस गिरोह की तलाश थी। शुक्रवार की रात जब पुलिस को उनके मौजूद होने की सूचना मिली तो इलाके में घेराबंदी की गई। इसी दौरान अपराधियों ने पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दिया। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। इसमें कुख्यात गुरुदेव मंडल को गोली लग गई। पुलिसकर्मी उसे अस्पताल लेकर गए लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं छह अपराधी फरार हो गए। पुलिस का कहना है कि इन अपराधियों की धरपकड़ के लिए छापेमारी कर रही है।
बताया जा रहा है कि कुख्यात गुरुदेव मंडल पूर्णिया जिले के धमदाहा थाना क्षेत्र के हरिनकोल निवासी दशरथ मंडल का पुत्र था। वह फूफा गिरोह का सरगना था। तीन साल पहले एक ट्रक चालक से लूटपाट व हत्या के मामले में फरार चल रहा था। फूफा गिरोह का सरगना गुरुदेव मंडल नवगछिया के अलावा पूर्णिया और कटिहार जिलों में भी आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रहा है। उस पर धमदाहा थाना में 2017 में लूट का मामला दर्ज है, वहीं कटिहार के फलका थाना में भी दो मामले लूटपाट से जुड़े दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, 2022 में मक्का लदे ट्रक की लूट और ट्रक चालक की हत्या में भी गुरुदेव का नाम सामने आया था। उस मामले में भी पुलिस ने फायरिंग के दौरान उसे घायल कर दिया था, लेकिन वह फरार हो गया था। गिरोह के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान यह मुठभेड़ हुई।



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