पुंछ सेक्टर में बलिदान हुए सूबेदार मेजर पवन जरियाल, दो माह बाद होने वाले थे सेवानिवृत्त

जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में शनिवार सुबह पाकिस्तानी गोलीबारी में जिला कांगड़ा के शाहपुर के सूबेदार मेजर पवन जरियाल बलिदान हो गए। सिहोलपुरी के रहने वाले 48 वर्षीय पवन 25 पंजाब रेजिमेंट में तैनात थे। सुबह करीब साढ़े 7 बजे पाकिस्तानी गोलीबारी का सामना करते हुए देश के लिए बलिदान हुए पवन के बुजुर्ग पिता गरज सिंह ने कहा, उन्हें फख्र है कि उनका बेटा देश की सुरक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुआ। पवन दो माह बाद सेवानिवृत्त होने वाले थे। बलिदानी पवन की पार्थिव देह को पुंछ से राजोरी ले जाया गया है, औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सड़क मार्ग से शाहपुर लाई जाएगी। उधर, भारत पर हमले की हिमाकत कर रहे पाकिस्तान की आसमान में ध्वस्त की गईं मिसाइलों के टुकड़े हिमाचल के कांगड़ा और ऊना में आकर गिरे। पठानकोट से सटे डमटाल थाना क्षेत्र के जंगल में जोरदार धमाका हुआ, जिससे आसपास के शीशे टूट गए। कुछ मकानों में दरारें भी आ गईं। धमाके के बाद शीशे टूटने से एक बच्ची को मामूली चोटें आई हैं।

सूचना मिलते ही पुलिस की टीम सहित एसपी नूरपुर अशोक रत्न और सेना ने मौके पर पहुंचकर पूरे इलाके को घेर कर जांच की। शनिवार सुबह ही इंदौरा के माजरा में पठानकोट एयरबेस के पास मिसाइल के अवशेष मिलने के बाद दोपहर को डमटाल में धमाके से लोगों में दहशत का माहौल बन गया। धुएं का गुब्बार दूर तक देखा गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। कांगड़ा के जवाली व इंदौरा और ऊना में चिंतपूर्णी शक्तिपीठ से 10 किलोमीटर दूर बेहड़ गांव में शुक्रवार रात 1:30 बजे  धमाका हुआ और मिसाइल के टुकड़े जंगल में आकर गिरे। जवाली और इंदौरा के माजरा व विभिन्न क्षेत्रों में मिसाइलों के टुकड़े गिरने के बाद सेना एवं पुलिस जवान मौके पर पहुंचे और उन्हें कब्जे में लिया। जवाली के  चबुआं, भलेरा गांव और भेड़खड्ड में भी टुकड़े मिले।

शाहपुर में सिहोलपुरी के सूबेदार मेजर पवन जरियाल के बलिदान की सूचना सुबह साढ़े 8 बजे मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी बलिदानी के घर पहुंचे। रविवार या सोमवार को राजकीय व सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में होगा। बलिदानी पवन कुमार अपने पीछे बुजुर्ग पिता गरज सिंह, माता, पत्नी सुषमा देवी, पुत्र अभिषेक कुमार और पुत्री अनामिका को छोड़ गए हैं। उनका बेटा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है, जबकि बेटी कॉलेज में पढ़ती है। सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बलिदानी के पिता सेवानिवृत्त हवलदार गरज सिंह से फोन पर बात कर उन्हें ढांढ़स बंधाया। सीएम ने कहा कि  सरकार इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि देश की एकता और संप्रभुता बनाए रखने के लिए यह सर्वोच्च बलिदान है। कृतज्ञ राष्ट्र उनके बलिदान को हमेशा याद रखेगा।

 

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