मां मनसा देवी रोपवे संचालन के लिए दोबारा टेंडर प्रक्रिया शुरू, 29 सितंबर तक जमा होंगी निविदाएं

हरिद्वार:- मां मनसा देवी रोपवे संचालन और अनुरक्षण को नगर निगम प्रशासन ने दोबारा टेंडर प्रक्रिया शुरू की है। नगर आयुक्त नंदन कुमार के अनुसार इच्छुक 29 सितंबर तक ई- निविदा जमा करा सकते हैं। वहीं 30 सितंबर तकनीकी बिड की तिथि नियत की गई है। टेंडर शर्तों में कम से पांच पांच वर्ष का अनुभव रखने वाली कंपनी इसमें हिस्सा ले सकती है। उषा ब्रेको कंपनी 1974 से मां मनसा देवी मंदिर के लिए रोपवे का संचालन कर रही है। तत्कालीन नगर पालिका परिषद और मैसर्स उषा ब्रेको रोपवे कलकत्ता के मध्य 15 मई 1974 को हुए अनुबंध की अवधि 20 मई 2021 को पूरी हो गई थी।नए टेंडर कराने के बजाए 15 मई 2021 को नगर निगम के टाउन हाल सभागार में आहूत बोर्ड बैठक में 30 वर्षों के लिए लीज अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव पारित कर दिया गया था। इसे लेकर नगर निगम बोर्ड पर सवाल उठे।

चूंकि महापौर अनिता शर्मा कांग्रेस से थीं जबकि बहुमत भाजपा समर्थित पार्षदों का था।  लिहाजा पार्षदों ने एक दूसरे पर जमकर आरोप प्रत्यारोप लगाए थे। बहरहाल मामला शासन तक पहुंचा। शासन ने पूरे प्रकरण को लेकर नगर निगम प्रशासन ने जांच रिपोर्ट तलब की। तत्कालीन शहरी विकास सचिव शैलेश बगोली के साथ नगर निगम अधिकारियों की बैठक हुई। जिसमें विचार विमर्श किया गया था कि नगर निगम बोर्ड की ओर से प्रस्ताव पारित करने से पूर्व उत्तराखंड अधिप्राप्ति नियमावली और तत्संबंधी प्रचालित वित्तीय नियमों का अनुपालन नहीं किया गया। सुसंगत नियमों के अधीन रोपवे संचालन के लिए निविदा प्राप्त नहीं की गयी। इस पर बैठक में निर्णय लिया गया था कि मनसा देवी रोपवे मार्ग को आगामी दो वर्षों तक नियमानुसार ओएंडएम में संचालित किए जाने के लिए नगर निगम की ओर से कार्यवाही करते हुए आगे रोपवे का संचालन किया जाए। रोपवे 40 साल से अधिक पुराना होने के चलते ओएंडएम में संचालित किए जाने से पूर्व नगर निगम को रोपवे का तकनीकी परीक्षण आइआइटी रुड़की से कराने के बाद आगे की कार्यवाही करने को कहा गया।

बहरहाल कवायदों के बाद ढाई साल के लिए लीज को बढ़ाया गया था। यह एक्सटेंशन 31 दिसंबर 2023 को खत्म हो गया था। इस कारण संचालन बंद हो गया था। करीब 15 दिनों तक यात्रियों को पैदल ही मनसा देवी जाना पड़ा था। जिस पर नगर निगम प्रशासन की ओर से मां मनसा देवी रोपवे संचालन का जिम्मा एक बार फिर उषा ब्रेको को एक साल के लिए दे दिया गया था। इसके लिए निगम को 10.11 करोड़ रुपये और प्रति टिकट छह रुपये देना नियत किया गया था। यह अवधि 10 अप्रैल 2025 को पूरी हो गयी थी। मां मनसा देवी रोपवे संचालन के लिए ई निविदा आमंत्रित की गयी है। नौ अप्रैल को आनलाइन प्रकाशन हुआ। 24 अप्रैल को निविदा खोलने की तिथि नियत थी। टेंडर शर्तें ऐसी थी कि अस्पताल, पुल और राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने वाली कंपनियां भी शामिल हुई, जिस पर विवाद खड़ा हो गया। इस क्षेत्र में विशेषज्ञता रखने वाली कंपनी मैसर्स उषा ब्रेको ने नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट की डबल बेंच ने टेंडर प्रक्रिया में अनुभवहीन कंपनियों को शामिल करने पर कड़ी नाराजगी जतायी। जिस पर नगर निगम ने टेंडर वापस ले लिया।

हालांकि इस मामले में शासन ने हस्तक्षेप करते हुए टेंडर शर्तों को लेकर कमेटी बनायी। जिसमें नगर निगम हरिद्वार के नगर आयुक्त नंदन कुमार, आइएएस अभिषेक रुहेला, ब्रिडकुल के महाप्रबंधक संजीव जैन, अग्निशमन अधिकारी वंश बहादुर यादव, शहरी विकास सचिव आदि शामिल थे। कमेटी ने पुराने टेंडर शर्तों का अध्ययन करते हुए कुछ अहम सुझाव दिए। जिसमें रोपवे संचालन और अनुरक्षण (ओएंडएम) में कम से कम पांच वर्ष का वर्ष अनुभव रखने वाली कंपनी को ही टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा लेने को अनिवार्य किया गया। पहले न्यूनतम दो वर्ष का अनुभव रखने वाली फर्म हिस्सा ले सकती थी। तत्कालीन नगर आयुक्त पर उठी थी अंगुली हरिद्वार: मां मनसा देवी रोपवे टेंडर मामले में प्रक्रिया और पारदर्शिता को लेकर तत्कालीन नगर आयुक्त वरुण चौधरी सवाल खड़े हो रहे हैं।

दरअसल सात फरवरी 2025 को नगर निगम बोर्ड का गठन होने के बाद भी तत्कालीन नगर आयुक्त ने इस मामले को लेकर निर्वाचित बोर्ड को अंधेरे में रखा। जबकि नियमानुसार पहले की तरह बोर्ड में इससे संबंधित प्रस्ताव लाया जाना चाहिए था। उस पर चर्चा होनी थी, लेकिन इन प्रक्रियाओं को नहीं अपनाया गया केवल महापौर से अनुमोदित कर अपने कर्त्तव्यों की इतिश्री करा ली। टेक्निकल बिड खुलने पर टेंडर की शर्तों का पता चला। मालूम हुआ कि सड़क और भवन बनाने वाली फर्मों ने भी टेंडर डाले हैं। जिनका रोपवे संचालन और अनुरक्षण से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं था। फर्मों में गुरुग्राम हरियाणा के बिल्डर आदि के भी नाम आए थे। बहरहाल इस क्षेत्र में अनुभव रखने वाली कंपनी उषा ब्रेको कोर्ट गयी तो और फजीहत कराने के बजाए नगर निगम ने स्वत: टेंडर वापस लेने में ही भलाई समझी थी।

लेखक के बारे में

Uttarakhand Jagran http://uttarakhandjagran.co.in

हम आपके आस-पास की खबरों और विचारों के लिए एक विश्वसनीय मार्गदर्शक के रूप में काम करेंगे। हम सकारात्मक प्रभाव पैदा करने के लिए देश और समाज से जुड़ी खबरें और सूचनाएं परोसेंगे। हमारी टीम डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से ऑनलाइन प्रकाशन का काम करती है।

संपर्क - गोवर्धन प्रसाद मनोरी
मोबाइल नंबर - +91-9548276184

You May Also Like

More From Author

+ There are no comments

Add yours