भारत-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच ब्लैकआउट अभ्यास शुरू हो गया है। सीमा पर लगातार बदलते हालात को देखते हुए लोगों ने राशन और अन्य खाद्य सामग्री जुटाना शुरू कर दिया है। लोगों में यह डर है कि आपातकाल की स्थिति में बाजार पूरी तरह बंद हो सकते हैं। फिरोजपुर में पहले भी कई बार ऐसी परिस्थितियां बनी हैं, जब कर्फ्यू लगाया गया था।
भारत-पाकिस्तान के बीच हुए पिछले युद्धों के अनुभवों को देखते हुए लोगों ने राशन का भंडारण शुरू कर दिया है। वर्तमान में युद्ध जैसे हालात बनते देख क्षेत्र में ब्लैकआउट अभ्यास आयोजित किया जा रहा है। इसके लिए क्षेत्र में घोषणाएं की गई हैं कि 4 मई को रात 9 बजे अभ्यास के तहत सायरन बजाया जाएगा, जैसा कि युद्ध या आपातकाल के दौरान होता है। इस दौरान पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति 30 मिनट के लिए बंद रहेगी।
छावनी परिषद ने सभी निवासियों को सूचित किया है कि रात 9:00 बजे से 9:30 बजे तक ब्लैकआउट अभ्यास होगा। इस दौरान छावनी क्षेत्र में पूर्ण अंधेरा रखा जाएगा, और पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) बिजली आपूर्ति 30 मिनट के लिए बंद कर देगा। लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने घरों के जनरेटर और इनवर्टर की बिजली आपूर्ति भी बंद रखें। परिषद ने कहा आपका सहयोग इस अभ्यास की सफलता और सभी निवासियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक है। इन गतिविधियों के बीच लोग अपने कीमती सामान और संसाधनों को सुरक्षित करने में जुट गए हैं। स्थानीय निवासी मनमोहन सिंह बताते हैं कि 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान भी ऐसा ही माहौल था। वहीं, स्थानीय निवासी अशोक कुमार कहते हैं कि हम युद्ध की शुरुआत नहीं करेंगे, लेकिन पाकिस्तान ऐसा कर सकता है। 1971 के युद्ध में पाकिस्तान ने धोखे से भारत पर हमला किया था।
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