केदारघाटी के गौरीकुंड खर्क पहाड़ी में हेलीकॉप्टर दुर्घटना के दर्दनाक घटना को प्रत्यक्ष अपनी आंखों से देखने वाली नेपाली मूल की महिला संजू जपरेल ने हिम्मत नहीं हारी और दुर्घटना के तत्काल बाद मदद के लिए दौड पड़ी, लेकिन हेलीकाप्टर की लपटें इतनी तेज थी कि सभी यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई।
दुर्घटना की भयानक तस्वीरों को याद करते हुए संजू जपरेल की आंखों में खौफ नजर आ जाता है। वह बताती है कि सुबह लगभग साढ़े पांच बजे से पहले घास काटने के लिए अपने तीन अन्य साथियों के साथ गौरीकुंड से ऊंपर खर्क पहाड़ी में गई हुई थी।
इस बीच एक हेलीकॉप्टर आया, और उसके चारों ओर बादल थे। उसने बादलों के बीच से एक चक्कर लगाया तथा फिर से केदारनाथ जाने का प्रयास किया। लेकिन इस बीच जब वह चक्कर ही काट रहा था कि बड़े पेड़ से टकरा गया और सीधे जमीन पर गिर गया। जमीन पर गिरने के बाद उसमें आग लगी, यह दृश्य देखकर सभी घास काटने वाली महिलाएं घबरा गई।
हेलीकॉप्टर पर आग की तेज लपटें आने लगी साथ ही तेज आवाज भी आ रही थी। थोड़ देर बाद तेज आवाज आनी जैसी ही बंद हुई। वह अकेले हेलीकॉप्टर के पास पहुंची और उसमे सवार लोगों की मदद के लिए आई। लेकिन सभी यात्री बुरी तरह जल चुके थे। तब हेलीकाप्टर का वीडियो बनाया और वीडियों को पुलिस तक पहुचाने के लिए गौरीकुड में महेन्द्र सिंह को भेजा। जिसके द्वारा यह वीडियों पुलिस के पास पहुंचा। इसके बाद ही पुलिस प्रशासन को इस दुर्घटना का पता चला।
नेपाली महिला संजू बताती हैं कि यह दृश्य काफी भयानक था। बार−बार यह दर्दनाक घटना उसके सामने आ रही थी। वह कहती है कि यदि हेलीकॉप्टर में कोई भी जिंदा होता तो वह उनकी मदद जरूर करती।



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