गोंडा:- जिलाधिकारी की ओर से कराए गए औचक निरीक्षण में शुक्रवार को सरकारी कार्यालयों की सच्चाई सामने आ गई। मेडिकल कॉलेज, पीडब्ल्यूडी और बीएसए कार्यालय समेत 24 सरकारी दफ्तरों में 171 अधिकारी व कर्मचारी ड्यूटी से नदारद रहे। डीएम नेहा शर्मा ने इन सभी का वेतन रोकते हुए नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। डीएम नेहा शर्मा के आदेश पर शुक्रवार सुबह 10 बजे सीडीओ एम. अरुन्मोली, सिटी मजिस्ट्रेट विजय शर्मा, एसडीएम सदर अवनीश त्रिपाठी, डिप्टी कलेक्टर समेत 10 वरिष्ठ अधिकारियों ने 24 राजकीय कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान मेडिकल कॉलेज से 50, पीडब्ल्यूडी व आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी कार्यालय से 45, बीएसए कार्यालय से 11, जिला पंचायत कार्यालय से 10 समेत अलग-अलग कार्यालयों में कुल 171 अधिकारी व कर्मचारी अनुपस्थिति पाए गए।
स्वाशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध बाबू ईश्वरशरण जिला चिकित्सालय में सर्वाधिक 50 अधिकारी व कर्मचारी अनुपस्थित पाए है। इसको लेकर डीएम ने नाराजगी जताई है। सभी अनुपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों का वेतन रोक दिया गया है। अनुपस्थिति के संबंध में सभी से जवाब तलब किया गया है। बताया कि कारण संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
औचक निरीक्षण में उपस्थिति के सत्यापन के साथ ही अभिलेखों के रखरखाव तथा साफ-सफाई को भी परखा गया। सीडीओ ने अपने कार्यालय का भी निरीक्षण किया। सीआरओ महेश प्रकाश ने मुख्य कोषाधिकारी एवं जिला पंचायत का निरीक्षण किया। नगर मजिस्ट्रेट विजय शर्मा ने जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला आबकारी अधिकारी और जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी कार्यालयों का निरीक्षण किया गया।
एसडीएम सदर अवनीश त्रिपाठी ने आरटीओ, सहायक श्रमायुक्त और अधिशासी अभियंता सरयू नहर खंड कार्यालयों का निरीक्षण किया। अपर उपजिलाधिकारी द्वितीय अशोक कुमार गुप्ता ने जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी और जिला सूचना विभाग अधिकारी कार्यालयों का जायजा लिया। डिप्टी कलेक्टर नेहा मिश्रा ने जिला लेखा परीक्षा अधिकारी और बीएसए कार्यालय का औचक निरीक्षण किया।



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