दिल्ली में पांच सितारा ताज पैलेस होटल के बाद अब शालीमार बाग स्थित मैक्स हॉस्पिटल को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। सूचना के बाद दिल्ली पुलिस और दिल्ली फायर सर्विस मौके पर पहुंची। अस्पताल प्रवक्ता ने बताया कि आज सुबह, मैक्स अस्पताल के कॉल सेंटर पर एक अज्ञात बम धमकी प्राप्त हुई। हमारी आपातकालीन प्रक्रियाओं के अनुसार, तुरंत अधिकारियों को सूचित किया गया और हमारे परिसर में सतर्कता के साथ तलाशी ली गई। अब तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। हमारे मरीजों, स्टाफ और आगंतुकों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और हम संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर पूरी गंभीरता से काम कर रहे हैं।
बता दें कि इस तरह की धमकी शुक्रवार को हाई कोर्ट को भी दी गई थी। लेकिन जांच के बाद पुलिस को कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली थी। इससे पहले भी दिल्ली में समय-समय पर इसी तरह ई-मेल के जरिए अलग-अलग स्कूलों और सरकारी संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकियां मिलती रही हैं। लेकिन जांच पड़ताल में पुलिस को कुछ भी संदिग्ध नहीं मिलता।
पूर्व में अदालतों को मिले फर्जी बम के मेल
- 15 फरवरी 2024- दिल्ली हाईकोर्ट में बम विस्फोट किए जाने की धमकी दी गई। पुलिस द्वारा जांच और निरीक्षण के बाद इसे फर्जी करार दिया गया।
- 16 अप्रैल 2025- द्वारका जिला अदालत में बम रखे होने की सूचना दी गई। जिसके बाद पूरे अदालत परिसर को खाली कराकर जांच की गई।
- 1 मई 2025 दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी करते हुए बम होने की धमकी या बम ब्लास्ट के संबंध में उपलब्ध संसाधनों और अन्य पर पूरी जानकारी देने का निर्देश दिया।
दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से अगस्त के बीच दिल्ली-एनसीआर के करीब 100 से ज्यादा शैक्षणिक संस्थानों को ऐसी ही धमकियां मिल चुकी हैं। इनमें डीपीएस वसंत विहार, अमेटी स्कूल साकेत, सलवान पब्लिक स्कूल, मॉडर्न स्कूल, वसंत वैली स्कूल, सेंट स्टीफंस कॉलेज और श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (एसआरसीसी) जैसे संस्थान शामिल हैं। जुलाई में चार दिनों में 50 से ज्यादा स्कूलों को बम की झूठी धमकी मिली थी। 17 जुलाई को पुलिस ने एक 12 वर्षीय बच्चे को गिरफ्तार किया था, जिसने सेंट स्टीफंस कॉलेज और सेंट थॉमस स्कूल को धमकी ई-मेल भेजा था। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अब तक सभी धमकियां झूठी साबित हुई हैं, लेकिन हर मामले को पूरी गंभीरता से लिया जाता है।

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