यूपी के सुल्तानपुर में 12 वर्षीय किशन की मौत के मामले में शनिवार को परिजनों ने चौकी का घेराव करके हंगामा किया। बच्चे की गला दबाकर हत्या की गई थी, इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई है। मामले में पांच दिन बाद भी पुलिस ने मुकदमा तक दर्ज करना उचित नहीं समझा। घटना गोसाईगंज थाना क्षेत्र के सरवन गांव की है। बीते सोमवार की सुबह गांव में सहजराम के घर के अंदर उनके बेटे किशन का शव बल्ली के सहारे रस्सी से लटकता मिला था। सहजराम ने कहा कि बेटे की हत्या की गई है। वह रामरति इंटर कॉलेज में कक्षा 7 में पढ़ता था। उसकी मां की पहले ही मौत हो चुकी है। बेटी आशा की शादी हो चुकी है। पत्नी की मौत के बाद सहजराम ने नीतू से दूसरी शादी कर ली थी। उसको पहले से एक बेटी है। इसके बाद नीतू को कोई औलाद नहीं हुई।
27 अगस्त को नीतू अपनी बेटी के यहां चली गई थी। पिता सहजराम पड़ोसी गांव महमूदपुर में एक गौशाला का रखरखाव करता था। किशन भी यहीं पिता के साथ रहता था। सोमवार की सुबह किशन स्कूल जाने के लिए निकला था। उसने पिता से कहा कि घर पर मट्ठा रखा है, चावल खाकर मैं स्कूल चला जाऊंगा। यह कहकर वह 6 बजे निकला। 8:30 बजे सहजराम घर पहुंचा तो किशन रस्सी के सहारे बांस में लटका मिला। नीचे चारपाई पर ईंट रखा था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करके जानकारी जुटाई। मंगलवार को बहन, सौतेली बहन व सौतेली मां के आने के बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया। इसके बाद पुलिस ने सहजराम, नीतू, उसकी बेटी पारो और उसके पति व बहन आशा से एक-एक करके पूछताछ की। सहजराम ने पड़ोसियों पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने उनसे भी पूछताछ करके जानकारी ली। लेकिन,नतीजा सिफर रहा।
उधर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। किशन के गले पर एज मिला है। ऐसे में कहा जा रहा है कि उसे मारकर लटकाया गया है। पांच दिन बाद भी कार्रवाई न होने से आक्रोशित घरवालों ने शनिवार को द्वारिकागंज चौकी का घेराव करके प्रदर्शन किया। बहन आशा देवी ने कहा कि हमको इंसाफ चाहिए। पुलिस पर रिश्वतखोरी का आरोप लगाया। थाना प्रभारी राम आशीष उपाध्याय ने बताया कि जांच चल रही है। साक्षय के आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।


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