मसूरी: “सशक्त उत्तराखण्ड @25” चिंतन शिविर में बीते दिन समापन सत्र में स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने स्वास्थ्य विषय पर प्रस्तुतिकरण देते हुए कहा कि राज्य में डॉक्टर्स व नर्सिंग स्टाफ की कमी बनी हुई है, जिसे दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
सचिव स्वास्थ्य ने बताया कि मानव संसाधन बढ़ाने के लिए PPP मॉडल को अपनाया गया है। अभी विभाग के पास कोई ट्रांसफर पॉलिसी नहीं है, जिसकी वजह से समस्या आ रही है। अगर इस क्षेत्र में PPP मॉडल से भर्ती करते हैं तो इस समस्या को काफी हद तक दूर किया जा सकता है।

स्वास्थ्य सचिव द्वारा बताया गया कि विभाग द्वारा विशेष रूप से डेडिकेटेड हाई एल्टीट्यूड सिस्टम बनाया जा रहा है। यह ऐसी टीम होगी जिससे यात्रा के दौरान मृत्यु दर को कम करने में मदद मिलेगी।



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